सहारनपुर। शहर के मोहल्ला हिम्मतनगर टैगोर गार्डन से लापता रितु शर्मा की मौत की पुष्टि होने पर पुलिस ने आरोपी पति और ससुर को दहेज हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। रुड़की के पथरी थाना क्षेत्र में रितु का शव मिलने के बाद मुकदमे में दहेज हत्या की धारा बढ़ाई गई है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हकीकतनगर निवासी सचिन की पत्नी रितु शर्मा संदिग्ध परिस्थितियों में 11 मार्च को अपने घर से लापता हो गई। सूचना पर पहुंचे रितु के पिता श्रीधर शर्मा ने सदर कोतवाली में पति सचिन शर्मा, ससुर राकेश शर्मा, सास ऊषा, ननदोई अंकुुर एवं ननद प्रीति के खिलाफ दहेज के लिए मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह भी आरोप लगाया था कि पहले भी मारपीट की गई थी और जान से मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी पति सचिन को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की थी, लेकिन रितु के बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं हुई। दो दिन पूर्व ही परिजनों को रुड़की क्षेत्र के थाना पथरी क्षेत्र में एक महिला के लावारिस शव के बरामद होने की सूचना मिली। परिजनों ने पथरी थाना पहुंचकर लावारिस शव के फोटो एवं सामान से उसकी पहचान रितु शर्मा के रूप में की थी। पथरी पुलिस को शव 12 मार्च को ही एक नहर से बरामद हो गया था। जिसे पुलिस ने पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम कराया, लेकिन मौत का कारण स्पष्ट न हो पाने के चलते विसरा लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवा दिया गया। दो दिन बाद उसका अंतिम संस्कार भी पुलिस ने कर दिया था। रितु की मौत की सूचना के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने बुधवार को रितु के पति सचिन शर्मा तथा ससुर राकेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों केे खिलाफ दहेज के लिए उत्पीड़न करने के मामले में दोनों को गिरफ्तार किया गया है। मुजफ्फरनगर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सहारनपुर पुलिस ने नहीं कराई तलाश
बिहार के सहरसा जिले की जिलाधिकारी शैलजा शर्मा की चचेरी बहन रितु शर्मा के परिजनों ने सदर कोतवाली प्रभारी से लेकर एसएसपी और डीआईजी तक रितु को बरामद करने की मांग की। परिजनों का आरोप है कि सहारनपुर पुलिस ने निष्क्रियता दिखाई। रितु को तलाश करने का प्रयास ही नहीं किया। आसपास जिले के थाने तक में संपर्क नहीं किया। ऐसा होता तो रुड़की से ही लावारिस शव के बारे में जानकारी मिल सकती थी। पुलिस की उदासीनता के कारण उन्होंने जांच मुजफ्फरनगर महिला थाना के लिए स्थानांतरित करा ली थी।
मुजफ्फरनगर महिला थाने को जांच मिलने के बाद जांच अधिकारी विजय पाल सिंह अत्री ने तलाश शुरू की तो पथरी थाना क्षेत्र में रितु का शव बरामद होने की जानकारी मिल गई। सहारनपुर पुलिस सोती ही रह गई।
एसपी सिटी विनीत भटनागर ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि रितु के परिजनों ने उन्हें सहयोग नहीं किया, जबकि पुलिस ने हरिद्वार, देहरादून, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, कांधला समेत अनेक स्थानों पर तलाश किया। रुड़की में रितु की एक सहेली ने फोटो से रितु की पहचान की थी। पुलिस परिजनों से उसके रिश्तेदारों एवं मित्रों बारे में भी जानकारी करती रही, लेकिन परिजनों ने पुलिस को कुछ नहीं बताया।