सहारनपुर। पुलिस ने सहारनपुर समेत आसपास के शहरों एवं राज्यों से बाइक चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से अलग-अलग स्थानों से चोरी की गईं सात बाइक भी बरामद की हैं। आरोपी नंबर प्लेट बदलकर एवं फर्जी कागज तैयार कर बाइक को बेच देते थे।
जिले में बाइक चोरी के मामले लगातार हो रहे हैं। हाल में ही सात दिसंबर को बेहट के मोहल्ला महाजनान निवासी धर्मवीर की बाइक को मोहल्ला खालसा से एसबीआई के सामने से चोरी कर लिया गया था। अन्य बाइक चोरी के मामले में आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही थी।
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि 11 दिसंबर शाम बेहट पुलिस को गंदेवड़ तिराहे पर बाइक चोरी के दो आरोपियों के होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की और दोनों को दबोच लिया। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में अनीश निवासी ग्राम हुसैन मलकपुर तथा सलमान निवासी ग्राम दबकौरा शामिल हैं। दोनों आरोपियों के पास दो तमंचे एवं कारतूस बरामद किए है।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गईं सात बाइक बरामद की है। साथ ही फर्जी दो नंबर प्लेट एवं फर्जी आरसी भी बरामद की है। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने सरसावा में बैंक से बाइक चोरी करने के अलावा, बेहट, बड़गांव, गुड़गांव, यमुनानगर से भी बाइकें चोरी की। एक बाइक को उन्होंने दो साल पहले 19 जनवरी 2017 को पुराना चिलकाना अड्डा मातागढ़ निवासी मनीष की बाइक सरसावा में अंबाला रोड स्थित एसबीआई से चोरी कर ली। पुलिस आरोपियों से गिरोह के अन्य लोगों एवं चोरी के अन्य मामलों के बारे में पूछताछ कर रही है।
नंबर प्लेट बदल देते थे, फर्जी आरसी बना देते थे
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बाइक चोरी करने के बाद कुछ दिन तक तो छिपाकर रख देते थे। उसके बाद उसकी नंबर प्लेट बदल देते थे। बाइक में कागज होते तो उन्हीं कागजों में उलटफेर कर फर्जी आरसी तैयार कर देते थे। कागज नहीं होने पर दूसरी बाइक के कागजों की नकल कर फर्जी कागज तैयार करते थे और चार हजार से पांच हजार रुपये में लोगों को बेच देते थे।
कुछ बाइकें बरामद हुई हैं
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि बरामद सात बाइकों में से कुछ बाइकें उन्होंने ऐसी बरामद की हैं जिन्हें आरोपियों ने दूसरे लोगों का झूठ बोलकर बेच दिया था। जिन्हें खरीदने वालों से पुलिस ने ले लिया है। अभी पूछताछ की जा रही है कि कहीं और बाइकें न बेची हो।