सहारनपुर। सिपाही भर्ती परीक्षा में पकड़ा गया साल्वर गैंग सबसे ज्यादा मेरठ जिले में सक्रिय था। अब तक पुलिस जांच पड़ताल में ठेका देने वाले जिन 13 परीक्षार्थियों को चिह्नित किया है, वो मवाना अथवा आसपास के गांवों के रहने वाले हैं। गैंग के सरगना मनीष राणा के खिलाफ मवाना थाने में पहले से लूट का मुकदमा दर्ज है। यह भी पता चला है कि साल्वर गैंग कई माह पहले इलाहाबाद में हुई रेलवे की परीक्षा में अपने इस फन का इस्तेमाल किया था। इस लिहाजा से रेलवे महकमे को अलग से रिपोर्ट भेजी जा रही है।
सहारनपुर पुलिस ने सिपाही भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने वाले साल्वर गैंग के 11 सदस्यों को मंगलवार को दबोचा था। इनमें मेरठ एसटीएफ का बाबू बिजेन्द्र कुमार और गाजियाबाद का फायरमैन दीपक शामिल था। पुलिस ने देर रात तक इन आरोपियों से पूछताछ की तो कई चौंकाने वाली जानकारी पुलिस को मिली है। पुलिस ने 24 घंटो में 13 उन परीक्षार्थियों का पता लगा लिया है, जिन्होंने रकम देकर अपने स्थान पर दूसरे से परीक्षा दिलाई थी। पुलिस अधीक्षक नगर प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि साल्वर गैंग का नेटवर्क सबसे ज्यादा मेरठ जिले में फैला था। अब तक चिह्नित हुए तमाम परीक्षार्थी मवाना और उसके आसपास के गांवों के रहने वाले हैं। इन लोगों ने परीक्षा पास कराने का ठेका देने के साथ पेशगी में साल्वर गैंग को धनराशि भी उपलब्ध कराई है। गैंग के सरगना मनीष राणा के मवाना क्षेत्र में कई ठिकाने रहे हैं। मवाना कोतवाली में उसके खिलाफ लूट का एक मुकदमा भी दर्ज है। एसपी सिटी ने बताया कि अन्य परीक्षार्थियों के बारे में पता करने के लिए कार्रवाई चल रही है। जांच में यह भी तथ्य आया है कि साल्वर गैंग ने कुछ माह पहले रेलवे की परीक्षा में इस तरह का खेल किया था। इस नए तथ्य से रेलवे विभाग को अवगत करा दिया गया है।
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सौदेबाजी की रिकार्डिंग भी पुलिस के पास
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सिपाही भर्ती परीक्षा में साल्वर गैंग और अभ्यर्थियों की बातचीत की रिकार्डिंग भी पुलिस के पास है। बातचीत में एक सिपाही यह भी कह रहा है कि फोन पर बात मत करो, एसटीएफ रिकार्डिंग कर रही है। इसी आधार पर पुलिस ने साल्वर गैंग का पर्दाफाश किया है।