सहारनपुर। लेबर कालोनी पुलिस चौकी के सामने हुई घटना के लिए पुलिस कम जिम्मेदार नहीं है। 24 घंटे में पहले मिर्जापुर में मारपीट हुई, घायल अस्पताल आए तो फिर उनकी धुनाई हुई। पीडित पक्ष हमलावरों की शिकायत लेकर जनकपुरी थाने पहुंचा, मगर पुलिस ने किसी तरह की कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा। शाम को फायरिंग हुई तो पुलिस हरकत में जरूर आई, मगर देर रात तक कोई हमलावर हाथ नहीं आ सका था। पीडित पक्ष का आरोप है कि पुलिस पहले सक्रिय होती तो हमलावरों की हिम्मत इतनी नहीं बढ़ पाती।
मारपीट से लेकर फायरिंग तक की घटना की शुरूआत सोमवार को मिर्जापुर थाना क्षेत्र में हुई, जहां छात्रों के दो गुटों में मारपीट हो गई थी। इस मामले में मिर्जापुर थाने में शिकायत कर पीडित पक्ष घायलों की डाक्टरी कराने मंगलवार को जिला अस्पताल आया था। इसी बात से नाराज दूसरे पक्ष ने अस्पताल पहुंचकर ही घायल पक्ष से मारपीट की, जिसमें एक कर्मचारी भी घायल हो गया। बजरंग दल नेता रविन्द्र कौरी और बंटी बजरंगी आदि इस मामले में जनकपुरी थाने में नामजद तहरीर देकर कार से वापस सरसावा जा रहे थे। हमलावरों ने लेबर कालोनी पुलिस चौकी के सामने ही इन लोगों की कार पर फायरिंग कर दी। घायल रविन्द्र कौरी का कहना है कि उन्होंने पुलिस को बताया था कि हमलावर अपने साथ हथियार लेकर घूम रहे है, लेकिन पुलिस उनकी एक नहीं सुनी। उस समय पुलिस हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई कर देती तो यह स्थिति नहीं होती। तीन थानों में उनके खिलाफ तहरीर दी गई। उधर पुलिस अधीक्षक नगर प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि पुलिस लापरवाही की जांच कराई जा रही है। जांच में आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।