छुटमलपुर/बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। शिवालिक वन प्रभाग की मोहन्ड रेंज से काटी गई सागौन की लकड़ी को वन विभाग की टीम ने पुलिस चेक पोस्ट के सामने स्थित टावर के नीचे से बरामद कर लिया। हालांकि लकड़ी काट कर वहां छुपाने वाले तस्कर का अभी पता नहीं चल सका है। मामले में किसी वन या पुलिसकर्मी के भी संलिप्त होने की संभावना है।
बता दें कि शिवालिक वन प्रभाग में लंबे समय से तस्कर अपनी कारगुजारियों में लिप्त हैं। कीमती लकड़ियों और जड़ी बूटियों के दोहन के साथ ही वे कई बार वन्य जीवों का भी शिकार कर लेते हैं। मोहंड रेंज के जंगल के पास से दून हाईवे गुजरने के कारण यह तस्करों के लिए ज्यादा मुफीद साबित हो रही है। वे यहां लकड़ी और अन्य उत्पादों की तस्करी करने के बाद किसी भी वाहन में बैठ कर आसानी से राज्य की सीमा तक पार कर जाते हैं। बुधवार की सुबह छह बजे वन विभाग की मोहंड रेंज के कर्मचारियों को सूचना मिली की मोहंड में पुलिस चौकी के ठीक सामने स्थित मोबाइल टावर के नीचे छिपा कर सागौन की जंगल से काटी गई लकड़ियां रखी हैं। इसके बाद आनन फानन में छापेमारी कर मौके से लकड़ियां बरामद कर ली गई। हालांकि इस दौरान कोई तस्कर हत्थे नहीं चढ़ सका। बरामद लकड़ियों की संख्या दस हैं और उनकी अनुमानित कीमत तीस हजार रुपये के आस पास है। माना जा रहा है कि तस्कर ने यह लकड़ियां रात में किसी वक्त यहां ला कर छिपाई होगी जिन्हे वह किसी वाहन से अन्यत्र ले जाता। ज्यादा संभावना इस बात कि है कि किसी पुलिस या वन कर्मी द्वारा भी उक्त लकड़ियां अपने लिए मंगाई गई हो। उधर, वन क्षेत्राधिकारी मोहंड मदन मोहन जोशी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। तस्करों को चिह्नित करने का काम किया जा रहा है। उसके बाद उसके खिलाफ वन अधिनियम की धारा में कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई विभागीय कर्मी शामिल होगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।