सहारनपुर। सरसावा के ग्राम सलूनी निवासी दीपा की शादी 2012 में नकुड़ के ग्राम शुक्रताल निवासी प्रवीण के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी में दहेज के बावजूद ससुराल के लोग खुश नहीं हुए और दीपा को परेशान किया जाने लगा। दीपा के परिजनों ने पहले तो एक लाख रुपये दिए, फिर डेढ़ लाख रुपए दिए। लेकिन ससुराल वालों ने फिर पांच लाख रुपये की मांग कर डाली। 11 मार्च 2014 को शुक्रताल निवासी कुछ लोगों ने दीपा के घरवालों को दीपा की हत्या की सूचना दी। जिस मामले में पिता पतराम ने दीपा के पति प्रवीण, सास चतरकली, ननद धोलन तथा ननदोई संदीप के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। सहायक शासकीय अधिवक्ता जयवीर सिंह पुंडीर ने बताया कि पुलिस ने पति एवं सास के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। जिसकी सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या तीन सुरेश चंद भारती की कोर्ट में हुई। कोर्ट ने साक्ष्य एवं गवाहों के आधार पर पति प्रवीण एवं सास चतरकली को दीपा की हत्या का दोषी पाया और दोनों को दस-दस साल का कारावास तथा दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड लगाया है।