पुलिस का अगला निशाना कुख्यात वाजिद काला!
सहारनपुर। पुलिस कस्टडी से फरार हुए शातिर बदमाश शमशाद के एनकाउंटर के बाद अब पुलिस की निगाह 50 हजारी कुख्यात वाजिद काला पर टिकी है। मगर, वाजिद काला अब तक पुलिस के रडार नहीं आया है। करीब डेढ़ साल पहले पुलिस कस्टडी से दिन दहाड़े भागने के बाद से अब तक वह पुलिस को चकमा देता रहा है। ऐसे में उस पर शिकंजा कसना अब पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। पुलिस के अनुसार वाजिद पर एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।
हत्या, डकैती, लूट सहित कई वारदातों को अंजाम दे चुका वाजिद करीब चार साल पहले पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। जून 2013 में दिनदहाड़े लूट के बाद भागते समय सीओ के गनर राहुल ढाका की हत्या में शामिल वाजिद कुछ महीने बाद ही पुलिस के चंगुल में फंस गया था। उस वक्त 12 हजार का इनामी बदमाश देखते ही देखते अब सहारनपुर पुलिस के लिए 50 हजार का इनामी बन गया है। सूत्रों की मानें तो जरायम की दुनिया में वर्चस्व की जंग स्थापित करने के लिए मुकीम काला और वाजिद काला के बीच भी तलवारें खिंच गई थी। जेल में बंद वाजिद और मुकीम गैंग के बीच कई बार तनातनी की खबरें भी आई। पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद उसने एक के बाद एक कई वारदातें की और अब लंबे समय से वह अंडर ग्राउंउ हो गया है। यहां तक कि वह पुलिस के रडार पर भी नहीं चढ़ पा रहा है।
सिपाहियों पर तमंचा तानकर हुआ था फरार
सहारनपुर जेल में बंद होने के बाद मार्च 2016 में विकास नगर में पेशी के बाद कुख्यात वाजिद उर्फ काला को रोडवेज बस से सहारनपुर आ रहे थे। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर शिवालिक पहाड़ियों के बीच नौगजा पीर के पास वाजिद ने उल्टी का बहाना बनाकर बस रुकवा ली। सिपाहियों से बोल कर वह नीचे उतरा। तभी पीछे से दो बाइक पर उसके दो साथी बदमाश आ धमके, जबकि दो बदमाश विकासनगर से ही बस में सवार थे। सिपाहियों की कनपटी पर तमंचा सटा कर हथकड़ी समेत बदमाश वाजिद साथियों के साथ बाइक पर बैठ कर फरार हो गया था।
सिपाही हत्याकांड के बाद घोषित हुआ था इनाम
कैराना के कुख्यात मुकीम उर्फ काला और उसके तीन साथी कैराना के जंधेड़ी गांव निवासी वाजिद उर्फ काला पुत्र दिन्ना, साबिर पुत्र कासिम तथा माहेताब उर्फ काला उर्फ जीवा पुत्र असगर निवासी गाव बलवा शामली ने गलीरा रोड पर सीओ सदर उमेश यादव के गनर राहुल ढाका की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदमाश, सिपाही राहुल ढाका की कारबाइन भी लूटकर ले गए थे। इस घटना के बाद से ही पुलिस गिरोह को चिह्नित कर उसके पीछे लगी हुई थी। गिरोह के प्रत्येक सदस्य पर 12-12 हजार का इनाम घोषित कर शासन से 25 हजार के इनाम की भी संस्तुति की गई थी। इसके बाद ही वाजिद काला पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। करीब डेढ़ साल पहले पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद उस पर इनाम बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया।
इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस का अभियान जारी है। वाजिद उर्फ काला पर 50 हजार का इनाम है और उसकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं। उसकी गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है और उम्मीद है, जल्द ही सफलता मिलेगी।
बबलू कुमार, एसएसपी