ओमपाल गैंग ने ही फिरौती के लिए की उस्मान की हत्या
सहारनपुर। पुलिस ने सरसावा क्षेत्र में हुई उस्मान की हत्या में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर शनिवार को घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि शामली के ओमपाल गैंग ने ही अपहरण कर उस्मान की हत्या की थी। बदमाशों का विरोध करने पर उस्मान की जान ले ली गई थी। सरगना सहित गैंग के तीन सदस्य अभी फरार हैं। ओमपाल बडगांव में प्रबंधक सुभाष राणा की हत्या में शामिल था। एसएसपी का कहना है कि ओमपाल की तलाश में पुलिस की छापेमारी चल रही है।
एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि 29 अगस्त की रात को दुमखेड़ी के उस्मान और अरशद का नकाबपोश बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। रात में ही विरोध करने पर उस्मान की हत्या कर दी गई थी, जबकि अरशद को घायल छोड़कर बदमाश भाग गए थे। इसके बाद एसपी देहात के निर्देशन में पुलिस टीम गठित की गई थी। पुलिस ने हैदरपुर के जंगल से इंद्रजीत निवासी मुजफ्फरा, थाना नागल, जिला अंबाला को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो गया।
एसएसपी के मुताबिक आरोपी इंद्रजीत ने बताया कि उन्होंने सड़क के दोनों ओर पेड़ों से तार बांध दिया था। जैसे ही उस्मान और अरशद वहां से गुजरे तो उनकी बाइक तार में उलझ गई और दोनों गिर पड़े। उनके गिरते ही ओमपाल, विक्की, उनके गैंग के इंद्रजीत और गोलू ने दोनों को कब्जे में ले लिया। तमंचे से आतंकित कर दोनों को सड़क से दूर ले गए। बदमाशों को एक की जेब से 500 रुपये और दूसरे की जेब से 6400 रुपये मिले। इस पर बदमाशों ने अरशद से उसके घर पर फोन कराया तथा पांच-पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। बाद में तीन लाख और दो लाख रुपये लाने के लिए कहा। लेकिन सुबह तक उन्हें फिरौती नहीं मिली। सुबह होते देख उस्मान ने शोर मचाने का प्रयास किया। इस पर उन्होंने उसका गला घोंट दिया। इससे उस्मान की मौत हो गई। तब तक ग्रामीण युवकों को तलाशते हुए वहां पहुंचे। ग्रामीणों को देख बदमाश दोनों को छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से अरशद का एटीएम कार्ड तथा तीन मोबाइल भी बरामद किए हैं, जो लूटे गए थे।
इस वारदात में शामिल पचास हजार के इनामी ओमपाल निवासी हसनपुर लुहारी, थानाभवन, शामली, विक्की उर्फ सुमित निवासी जलालाबाद शामली तथा गोलू निवासी मुजफ्फरा थाना नागल, जिला अंबाला फरार हो गए। एसएसपी का कहना है उस्मान के परिजनों ने दो लोगों पर संदेह जताया है। उनके आरोपों को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।
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-- शोर मचाने पर दबा दिया गला
एसएसपी उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि दोनों को पकड़कर वह गन्ने के खेत में ले गए थे। वहां उन्होंने दोनों को बांधकर रख लिया। आंखों पर पट्टी बांधी थी। वे फिरौती की मांग करते रहे। लेकिन सुबह होने तक फिरौती नहीं मिली। उस्मान को लगा कि सुबह हो रही है, लोग आसपास खेतों में आने लगे होंगे। जिस पर वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसे चुप कराने का प्रयास किया गया। पहले उसका मुंह दबाया गया फिर गला दबाया। इससे उस्मान की मौत हो गई।
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वसूलने गए थे फिरौती की रकम
-- एसएसपी ने बताया कि बदमाशों ने परिजनों को फिरौती की रकम कलानौर लाने को कहा था। ओमपाल और विक्की तो फिरौती की रकम वसूल करने के लिए कलानौर चले गए जबकि इंद्रजीत और गोलू को दोनों की निगरानी के लिए छोड़ा गया। ओमपाल और विक्की के पास कोई मोबाइल नहीं था, इसलिए संपर्क नहीं हो पाया।
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- सुबह हुई लूट के बाद भी सक्रिय नहीं हो पाई पुलिस
पुलिस की लापरवाही ही उस्मान और अरशद के अपहरण और उस्मान ही हत्या कर सबब बन गई। 29 अगस्त की सुबह ही ओमपाल गैंग ने सरसावा के पालिका बाजार में रेडीमेड गारमेंट की दुकान करने वाले इब्राहिमपुरा निवासी अफजाल से चार नकाबपोश बदमाशों ने मोबाइल, नगदी और बाइक लूट ली थी और फिर बंधक बनाकर खेत में फेंक दिया था। उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी थी। लेकिन पुलिस ने तलाशी की ही खानापूर्ति कर दी गई। उसी रात बदमाशों ने अपहरण और फिरौती की घटना को अंजाम दे डाला। पुलिस ने घटना के बाद न तो चौकसी बढ़ाई और न ही चेकिंग की। पुलिस सक्रिय होती तो शायद बदमाश इस घटना को अंजाम न दे पाते।
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-- इनाम बढ़वाने की संस्तुति की
एसएसपी ने बताया कि फरार ओमपाल और विक्की पर 50-50 हजार रुपये का इनाम पहले से ही घोषित है। अब दोनों पर इनाम बढ़ाए जाने की संस्तुति की जा रही है। उन्होंने बताया कि बडगांव के सुभाष राणा हत्याकांड के बाद फरारी के समय ओमपाल ने अपने गैंग में रुड़की के दो अन्य लोगों को जोड़ लिया था। उनके साथ मिलकर ही उस्मान और अरशद के अपहरण की योजना को अंजाम दिया था।