बेहट/सहारनपुर। पुलिस ने बसपा एमएलसी महमूद अली के साथ अवैध खनन में शामिल रहे उनके रिश्तेदार को गिरफ्तार किया है। अवैध खनन मामले में यह पहली कार्रवाई मानी जा रही है। गिरफ्तार किए गए दिलशाद पर तीन करोड़, दो लाख 32 हजार रुपये की रिकवरी बताई गई है। पुलिस की कार्रवाई ने अन्य बकाएदारों में खलबली है। जनपद के पांच क्षेत्रों में नौ लोगों को खनन के पट्टे आवंटित किए गए थे। मगर पट्टेधारकों ने नियम-कायदों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से खनन किया। प्रशासन ने अवैध रूप से खनन करने वालों के खिलाफ करीब 300 करोड़ रुपये की रिकवरी की लिस्ट जारी की थी। इनमें अवैध खनन करने वालों के साथ ही अनेक स्टोन क्रशर मालिक भी शामिल हैं। प्रशासन अभी तक बसपा एमएलसी महमूद अली की दस हेक्टेयर भूमि कुर्क कर चुका है, जो बेहट और सदर क्षेत्र में है। इसके अलावा उनका खाता भी सीज किया जा चुका है। एमएलसी पर 44 करोड़ 47 लाख रुपये की रिकवरी है। प्रशासन के कदम से बाकी बकायेदारों में हड़कंप मचा हुआ है, जिनमें से अनेक लोग जनपद छोड़कर जा चुके हैं। सोमवार को प्रशासन ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए एमएलसी के साथ अवैध खनन में शामिल रहे उनके रिश्तेदार दिलशाद पुत्र मकसूद को गिरफ्तार किया। दिलशाद पर तीन करोड़, दो लाख 32 हजार रुपये की रिकवरी बताई जा रही है। दिलशाद से वसूली के लिए तहसील प्रशासन ने तीन पहले नानौली व शाहपुर गाड़ा में भूमि चिह्नित कर उसे कुर्क करने की कार्रवाई की थी, साथ ही गिरफ्तारी का वारंट भी जारी किया था। सोमवार को एसडीएम युगराज सिंह, तहसीलदार हर्ष चावला, नायब तहसीलदार नितिन तेवतिया आदि ने बेहट कोवताली और मिर्जापुर थाना पुलिस को साथ लेकर बकायेदार दिलशाद पुत्र मकसूद को उसके मिर्जापुर पोल गांव स्थित घर से गिरफ्तार किया।
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हरियाणा के लोगों पर कार्रवाई करना चुनौती
सहारनपुर से अवैध रूप से खनन करने वालों में अनेक लोग हरियाणा के भी है, जिन्होंने भारी मात्रा में अवैध रूप से खनन किया। प्रशासन में कड़ी कार्रवाई करता नजर आ रहा है, मगर हरियाणा के लोगों पर कार्रवाई के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। चूंकि मामला दूसरे राज्य से जुड़ा है। ऐसे में हरियाणा के खनन माफियाओं पर कार्रवाई करना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
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मंत्री के छापे के बाद हरकत में आया प्रशासन
एनजीटी की रोक के बावजूद जनपद में अवैध खनन का धंधा चलता रहा। प्रशासनिक फेरबदल के बावजूद अवैध खनन बंद नहीं हुआ। मगर पिछले दिनों जिले के प्रभारी मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने खुद मौके पर पहुंचकर अवैध खनन से लदे अनेक वाहन पड़े थे, जिसके बाद प्रशासन के हाथपांव फूल गए थे। मंत्री ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही थी, मगर संबंधित थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कर मामला रफा-दफा कर दिया गया। मगर इतना है कि मंत्री के हरकत में आने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है।
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सीबीआई कर रही है जांच
जनपद में अवैध रूप से हुए खनन की जांच सीबीआई कर रही है। करीब दो महीने पहले सीबीआई की टीम यहां तीन दिन रही थी। सीबीआई ने पट्टाधारकों के साथ ही स्टोन क्रशर मालिकों से भी बंद कमरे में अलग-अलग बात की थी। जांच अभी जारी है। सीबीआई जांच को लेकर भी पट्टेधारकों और स्टोन क्रशर मालिकों में दहशत है।