सहारनपुर। ग्राम ढोल्ला माजरा निवासी पूर्व प्रधान पाल्ला राम ने खेड़ा मेवाद के एक व्यक्ति पर 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और 30 जुलाई तक रंगदारी न दिए जाने पर हत्या करने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
पाल्लाराम का आरोप है कि खेड़ा मेवाद निवासी एक व्यक्ति ने उसे फोन करके कहा कि दलित उत्थान समिति के अध्यक्ष कंवरपाल ने समिति के नाम पर काफी पैसा जमा कर लिया है। उसमें से 15 लाख रुपये उसे दे दे। नहीं तो वह कंवरपाल को गोली मार देगा। 18 जुलाई को आरोपी शाम को लगभग 4 बजे नकुड़ में बस अड्डे पर उससे मिला और उससे कहा कि उसने अभी तक कंवरपाल को सूचना क्यों नहीं दी है। 30 जुलाई तक उसे 15 लाख रुपये चाहिए। पैसे नहीं दिए वह कंवरपाल के घर जाकर उसकी गोली मारकर हत्या कर देगा। इस संबंध में पाल्लाराम ने एसएसपी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।
अवैध रूप से किराया वसूलने का आरोप
सहारनपुर। मोहल्ला अंसारियान निवासी हसन अहमद ने मोहल्ले के ही नियाज हैदर जैदी पर वक्फ इमामबाड़ा अंसारियान मस्जिद का मुतवल्ली बताकर किराएदारों से किराया वसूल करने का आरोप लगाया है।
हसन अहमद का कहना है कि वक्फ बोर्ड ने 18 नवंबर 2016 को उसे वक्फ प्रशासक नियुक्त किया था। जबकि हैदर जैदी से चार्ज लेकर उसे सौंप दिया गया था। वही अब तक बतौर मैनेजर सभी कार्य एवं किराया लेनदेन करता चला आ रहा है। लेकिन आरोपी ने अपने आपको मुतवल्ली बताकर किराएदारों से किराया वसूल लिया है, जो गैर कानूनी है। इस मामले में हसन अहमद ने एसएसपी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारियों पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
सहारनपुर। यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन ने निगम के अधिकारियों पर यूनियन की अनदेखी करने, पदाधिकारियों का उत्पीड़न करने, द्विपक्षीय वार्ता न करने, समस्याओं का समाधान न करने का आरोप लगाया है।
यूनियन के शाखा मंत्री विशंभर तिवारी का आरोप है कि हर माह के पहले सोमवार को होने वाली यूनियन के साथ बैठक इस साल मात्र एक बार हो सकी है, उसके भी बिंदुओं पर कोई कार्रवाई नहीं की है। अधिकारी पदाधिकारियों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई कर रहे हैं। संविदा पटल पर असंवैधानिक कार्य किए जा रहे हैं, अनुबंध की आड़ में अवैध वसूली की जा रही है। बिना टिकट प्रकरण के मामलों में अवैध धन लेकर चालक, परिचालकों को रूट पर भेजा जा रहा है। सहारनपुर, शामली, दिल्ली, आईएसबीटी रूट पर बसों का संचालन नहीं बढ़ाया गया है। कई बार मांग के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया गया है। कार्यालय सहायकों के पटल परिवर्तन की मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पदाधिकारियों को फंसाने की धमकी दी जा रही है। यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह के अंदर द्विपक्षीय वार्ता कर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और उत्पीड़न बंद नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में पदाधिकारियों ने परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र भेजा है।