जेल में सिर्फ अपने लोगों से मिल रहा रावण
सहारनपुर। जिला कारागार की तन्हा बैरक नंबर 9 में बंद चंद्रशेखर उर्फ रावण अब सिर्फ अपने परिवार के लोगों से मिलने को ही प्राथमिकता दे रहा है। अन्य लोगों में भी सिर्फ चुनिंदा लोगों से ही मिला है। प्रशासन ने भी उससे अन्य लोगों से मिलने पर पाबंदी लगा दी है।
राजनीतिक एवं कुछ अन्य संगठनों के लोगों में चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के बाद जेल में मिलने की होड़ सी मची हुई है। चंद्रशेखर से मिलने के बाद बयानबाजी की जा रही है। जिस पर प्रशासन ने रावण से मिलाई करने पर रोक लगा दी है। रावण भी अब सभी लोगों से मिलने की बजाय चुनिंदा लोगों से ही मिल रहा है। खासकर अपने परिवार के लोगों से ही उसकी बातचीत हो रही है। अन्य लोगों से मिलने से अब उसने भी इंकार कर दिया है। दो दिन पहले उससे मिलने गए एक नेता एवं कुछ संगठनों के पदाधिकारियों से भी उसने मिलने से इंकार कर दिया। अब कुछ नेता जेल में बंद अन्य बंदियों से मिलने के बहाने अंदर जा रहे हैं और चंद्रशेखर से बात करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि वह तन्हा बैरक में है। लेकिन बाहर आकर लोगों को यही बताते हैं कि वह चंद्रशेखर से मिलकर आ रहे हैं।
जेल अधिकारियों का कहना है कि चंद्रशेखर से इस समय किसी को मिलने की इजाजत नहीं है। तीन दिन का समय एक सप्ताह में मिलने का होता है, वह पूरा हो चुका है। चंद्रशेखर के पास कुछ पर्चियां मिलाई के लिए आने वालों की भेजी भी गईं थीं, लेकिन चंद्रशेखर ने ही उनसे मिलने को मना कर दिया। उसने सिर्फ अपने परिवार के लोगों से ही मिलने की बात कही है।