बड़गांव (सहारनपुर)। बदमाशों ने दिन निकलते ही शिक्षक का अपहरण कर लिया। उसे बंधक बनाकर गन्ने के खेत में रखा और शिक्षक के परिजनों से दस लाख रुपये की फिरौती के लिए फोन करने के लिए दबाव बनाया। बदमाशों ने शिक्षक की पिटाई भी की। बाद में खेत के आसपास लोगों के आ जाने पर बदमाश शिक्षक के साथ लूटपाट कर फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल शिक्षक को अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है।
नानौता थाना क्षेत्र के गांव रायचंदा निवासी अंकित पुत्र सुखपाल शर्मा बीएनडी इंटर कालेज जड़ौदा पांड़ा में कंपयूटर अध्यापक के पद पर तैनात है। अंकित के अनुुसार बुधवार की सुबह वह घर से अपनी साइकिल पर सवार होकर नल्हेड़ा राजवाहा की पटरी से होते हुए हुए जड़ौदा पांडा स्थित बीएनडी इंटर कालेज जाने के लिए निकले। जैसे ही वह मौरा गांव के जंगल में पहुंचे तभी पीछे से बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने ओवरटेक कर रोक लिया। शिक्षक का कहना है कि बदमाशों ने उनकी साइकिल को धक्का देकर गिरा दिया। उनमें से एक बदमाश तो बाइक लेकर चला गया, जबकि दो बदमाश अंकित को घसीटकर सड़क किनारे नीचे गन्ने के खेत में खींचकर ले गए और गन्ने के खेत में बांध दिया। बदमाशों ने उसकी जेब में रखा मोबाइल एवं पर्स निकालने के बाद धमकी देते हुए शिक्षक से कहा कि घर से दस लाख रुपये मंगवा ले नहीं तो जान से मार देंगे।
अध्यापक ने बताया कि इसी बीच गन्ने के खेत के बाहर कार्य कर रहे किसानों की आहट सुनकर बदमाश उसे वहीं छोड़कर भाग खड़े हुए। इसके बाद वह किसी तरह वहां से बंधन मुक्त होकर पास ही खेतों में धान कटाई कर रहे किसानों के पास पहुंचा और उन्हें घटना के बारे में बताया।
अध्यापक के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गन्ने के खेतों में बदमाशों की धर पकड़ के लिए कांबिंग की, लेकिन दूर दूर तक बदमाशों का कोई अता पता नहीं लग पाया।
अध्यापक के अपहरण की सूचना पर बीएनडी इंटर कालेज जड़ौदा पांडा की छुट्टी कर दी गई और प्रधानाचार्य जैनेंद्र कुमार व नानौता ब्लाक प्रमुख पति ऋषिपाल राणा के नेतृत्व में लोग बड़गांव थाना पहुंचे। लोगों ने घटना का शीघ्र खुलासा किए जाने की मांग की।
घटना को संदिग्ध मान रही पुलिस
थानाध्यक्ष संजीव कुमार का कहना है कि घटना संदिग्ध लग रही है। जांच के बाद ही सही पता चल पाएगा। अभी तक पीड़ित पक्ष की ओर से उन्हें कोई तहरीर नहीं मिली है।
ओमपाल, विक्की ढेर, अब कौन ?
अपहरण, लूट और फिरौती तथा हत्या की घटनाओं को अंजाम देने के आरोपी बताए गए ओमपाल और विक्की को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। दावा किया कि गैंग लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन घटनाएं नहीं रुक सकीं। लोगों का कहना है कि जब ओमपाल और विक्की ही नहीं रहे तो अब इस तरह की घटनाओं को कौन अंजाम दे रहा है।