सहारनपुर। बिल्डर की मार्केट में किराए पर कपड़े की दुकान करने वाले ने ही बिल्डर से दस लाख रुपये की रंगदारी मांग ली। तीन दिन में रंगदारी न देने पर बिल्डर के बड़े बेटे की हत्या किए जाने की धमकी दी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तमंचा एवं मोबाइल फोन बरामद किया है।
मंडी कोतवाली क्षेत्र के जैन कालोनी निवासी बिल्डर अशरफ अली के मोबाइल फोन पर 22 अप्रैल को कॉल आई। कॉल करने वाले ने अशरफ अली से 10 लाख रुपये की रंगदारी देने के लिए कहा। मंडी कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर सिंह राणा ने बताया कि उस समय तो अशरफ अली ने फोन कॉल को गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन 24 अप्रैल को फिर कॉल आया और धमकी भरे लहजे में कहा कि उनकी बात को अनसुना कर दिया है, इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। कॉल करने वाले ने तीन दिन में 10 लाख रुपये देवबंद के ग्राम सांपला में लेकर आने के लिए कहा। धमकी दी कि तीन दिन में पैसे नहीं दिए तो उसके बेटे शाहनवाज की हत्या कर दी जाएगी। जिसके बाद परिवार में दहशत फैल गई। दो दिन तक कशमकश में रहे कि पुलिस को सूचना दी जाए अथवा नहीं।
इंस्पेक्टर ने बताया कि 26 अप्रैल को अशरफ अली ने पुलिस को इस बारे में सूचना दी। पुलिस ने तुरंत ही इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी।
रविवार को पुलिस को आरोपियों के खाताखेड़ी में होने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्राइमरी स्कूल खाताखेड़ी से दो लोगों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों में नौशाद निवासी ग्राम सांपला, देवबंद तथा तसव्वर निवासी मोहल्ला फैलादपुरा सांपला खतरी शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें पैसे की जरूरत थी। जिसके लिए उन्होंने रंगदारी मांगी है।
बिल्डर के मार्केट में कपड़े की दुकान है आरोपी की
मंडी कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर सिंह राणा ने बताया कि बिल्डर अशरफ अली ने खाताखेड़ी में मार्केट बनाया है। जिसमें एक आरोपी नौशाद ने दुकान किराए पर ले रखी है। इस दुकान में वह कपड़े बेचने का व्यापार करता है। जिस कारण उसे अशरफ अली के पास पैसे होने की उम्मीद थी। इसी उम्मीद में उसने पैसे मांगे।
फर्जी सिम से मांगी थी रंगदारी
मंडी कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपियों ने रंगदारी मांगने के लिए फर्जी आईडी पर सिम खरीदा था। पुलिस ने पहली कॉल वाले नंबर को ट्रेस किया तो वह नंबर कहीं दूसरी जगह का निकला। लेकिन दूसरी बार कॉल किया गया तो मामला पकड़ में आ गया। दूसरी बार कॉल दूसरे नंबर से की गई। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने रंगदारी मांगने के लिए ही सिम लिए थे। पुलिस सिम देने वाले दुकानदार के बारे में जानकारी कर रही है।
पहले अपने मामू से ही रंगदारी मांगने की बनाई थी योजना
मंडी कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें पैसे की काफी जरूरत थी। उनके मामू दुबई से कुछ दिन पहले ही आए हैं। उनकेे पास काफी पैसा होने की उन्हें जानकारी थी। जिस कारण नौशाद ने मामू से ही रंगदारी मांगने की योजना बनाई थी। लेकिन बाद में नौशाद ने बिल्डर से रंगदारी मांगने की योजना बना ली।