बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। हथियारों से लैस नकाबपोश पांच बदमाशों ने शनिवार रात बिहारीगढ़ क्षेत्र में दून कॉलेज (निजी) में घुसकर कॉलेज चेयरमैन के माता पिता और अन्य लोगों को बंधक बनाकर डकैती डालकर सनसनी फैला दी। विरोध करने पर तमंचे की बट मारकर कॉलेज चेयरमैन के माता पिता को घायल कर दिया। मकान से बदमाश नकदी और जेवरात ले गए। पुलिस को छानबीन में कॉलेज के पीछे झाड़ियों में साढ़े तीन लाख रुपये पड़े मिले, लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं लग सका।
बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र में दून हाईवे पर सुंदरपुर में प्रवीण चौधरी का दून कॉलेज है, जिसमें बीसीए, बीटेक और बीएड आदि की पढ़ाई कराई जाती है। कॉलेज चेयरमैन प्रवीण चौधरी का परिवार कॉलेज कैंपस स्थित आवास में रहता है। शनिवार रात करीब साढ़े सात बजे जब प्रवीण चौधरी किसी कार्य से बाहर गए थे, तो प्रतिदिन की तरह गांव गणेशपुर निवासी सुशील दूध देने के लिए पहुंचा। इसी दौरान नकाबपोश पांच बदमाश भी कॉलेज परिसर में घुस आए। बदमाशों ने प्रवीण चौधरी के पिता इंदर सिंह सांगवान, मां लता रानी, भतीजे प्रियांशु, गार्ड विक्रम और दूधिया सुशील को गन प्वाइंट पर लेकर बंधक बना लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने प्रवीण के पिता इंदर सिंह और मां लता रानी को तमंचे की बट मारकर घायल कर दिया। इसके बाद सभी के फोन लेकर बंद कर दिए गए। वारदात को अंजाम देकर बदमाश घर के पीछे के रास्ते से सीढ़ियों से उतरकर शिवालिक फार्म की तरफ भाग निकले।
बदमाशों के जाने के बाद प्रियांशु ने इसकी सूचना प्रवीण चौधरी को दी। प्रवीण चौधरी ने सूचना थानाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह रावत को दी। डकैती की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन फानन में पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने देर रात तक कांबिंग की, लेकिन बदमाशों का कुछ पता नहीं लग सका। देर रात वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार, एसपी देहात विद्यासागर मिश्र, सीओ बेहट ब्रह्मपाल सिंह, एसओजी और स्वाट टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना के बारे में पीड़ितों से जानकारी ली। बिहारीगढ़ थानाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह रावत का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बदमाशों का हुलिया मालूम किया जा रहा है। मकान से कितना सामान गया, परिवार ने तहरीर में इसका उल्लेख नहीं किया है।
कॉलेज के पीछे पड़े मिले साढ़े तीन लाख रुपये
पुलिस ने देर रात तक मौके पर छानबीन की। फोरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्कवायड टीम भी बुलाई गई। वहीं, रविवार सुबह पुलिस ने फिर छानबीन की। इस दौरान कॉलेज के पीछे कांबिंग के दौरान झाड़ियों में पुलिस को करीब साढ़े तीन लाख रुपये पड़े मिले। पुलिस ने बरामद नकदी को कब्जे में ले लिया है।
कितना सामान गया, तहरीर में नहीं दी जानकारी
दून कॉलेज में हुई डकैती में लाखों की नकदी के अलावा बड़ी मात्रा में जेवरात जाने की अनुमान है, लेकिन पीड़ित परिवार की तरफ से दी गई तहरीर में सामान का ब्यौरा नहीं दिया गया है। कॉलेज चेयरमैन प्रवीण चौधरी का कहना है कि अभी वह अपने पिता का उपचार करा रहे हैं। पिता जब बताने की हालत में होंगे, तभी नुकसान का सही आंकलन हो सकेगा।
तो बदमाशों को मालूम था कब आएगा दूधिया
जिस ढंग से बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया, उससे स्पष्ट है कि बदमाशों ने पहले ही रैकी भी की। तभी तो बदमाशों ने कॉलेज कैंपस में घुसने के लिए उस वक्त का इंतजार किया, जब दूधिया वहां आता था। बदमाशों द्वारा मुंह पर कपड़ा बांधने की वजह से यह भी संभावना है कि बदमाश स्थानीय भी हो सकते हैं।
रात में बंद था सीसीटीवी
दून कॉलेज में सुरक्षा दृष्टि से सीसीटीवी तो लगवाया हुआ है, लेकिन शनिवार रात जब वारदात हुई, उस दौरान सीसीटीवी बंद था। यदि सीसीटीवी चालू हालत में होता, तो बदमाशों तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिल सकती थी।
-- एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि वारदात की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। वारदात के दौरान घर में मौजूद लोगों से जानकारी ली जा रही है। वारदात का खुलासा करने के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं।