सहारनपुर कोर्ट में पूर्व एमएलसी मेहमूद अली को पेश करती पुलिस चेक शार्ट में
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सहारनपुर। नवी मुंबई से गिरफ्तार किए गए पूर्व बसपा एमएलसी महमूद अली को अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अदालत ने उसके जमानत प्रार्थना पत्र को भी खारिज कर दिया। अब इस मामले में 22 जुलाई को सुनवाई होगी।
खनन माफिया व पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के छोटे भाई पूर्व एमएलसी महमूद अली को सहारनपुर पुलिस ने शनिवार को नवी मुंबई के नेरुल क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। वह मिर्जापुर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में वांछित था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। पुलिस ने नवी मुंबई की वासी कोर्ट में उसे पेश कर ट्रांजिट रिमांड की मांग की। जिस पर वहां की कोर्ट ने पुलिस को महमूद अली का 48 घंटे का ट्रांजिट रिमांड मंजूर किया। पुलिस उसे कड़ी सुरक्षा में मुंबई से हवाई जहाज द्वारा पहले दिल्ली और फिर वहां से वज्र वाहन में लेकर रविवार देर रात सहारनपुर पहुंची। पूछताछ के बाद उसे सोमवार दोपहर बाद तीन बजे एमपी एमएलए विशेष कोर्ट में पेश किया गया। विवेचक सुनील कुमार शर्मा ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर महमूद अली को 14 दिन के न्यायिक अभिरक्षा में देने की मांग की। जिस पर आपत्ति करते हुए महमूद अली के अधिवक्ता ने कहा कि महमूद अली के नाम गलत तथ्य दर्शाकर कर झूठा फंसाया गया है, उक्त घटना से उनका कोई वास्ता नहीं है, न ही अभियुक्त ने कभी कोई अपराध किया है, न कोई धोखाधड़ी की और न ही कोई फर्जी कागजात तैयार किए हैं। आपत्ति का विरोध करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता गुलाब सिंह ने कहा कि अभियुक्त का आपराधिक इतिहास है, उस पर कूट रचना के गंभीर आरोप हैं, इसलिए 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में दिया जाना जरूरी है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एमपी, एमएलए कोर्ट मयंक प्रकाश ने पुलिस का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए महमूद अली को 22 जुलाई तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने के आदेश दे दिए तथा इसी के साथ महमूद अली के अधिवक्ता द्वारा दिए गए जमानत प्रार्थना पत्र को भी खारिज कर दिया। इस मामले में अब 22 जुलाई को सुनवाई होगी। इसी दिन पुलिस महमूद अली पर दर्ज एससीएसटी समेत अन्य मामलों में भी रिमांड के लिए अर्जी दाखिल करेगी।