गंगोह(सहारनपुर)। ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने निरस्त कर दिया है। दो साल बाद यह फैसला आया है। इससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है, जबकि बबली देवी समर्थकों में खुशी की लहर है। उन्होंने इसे सत्य की जीत बताया है।
बता दें कि गंगोह ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में तीन प्रत्याशी गांव पूजना निवासी सपा समर्थित बबली पत्नी रमेश, गांव सालियर निवासी सुमन पत्नी दिनेश चौधरी और मुन्नी पत्नी उधल सिंह भाजपा की ओर से चुनाव मैदान में थीं। आवेदन पत्रों की जांच के दौरान निर्वाचन अधिकारी ने बबली देवी का पर्चा निरस्त कर दिया था। सुमन और मुन्नी के एक ही परिवार के कारण सुमन ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया था। इसके चलते निर्वाचन अधिकारी ने मुन्नी देवी को ब्लॉक प्रमुख घोषित कर दिया था। उस वक्त नामांकन पत्र खारिज होने के कारण बबली देवी समर्थकों ने हंगामा किया था। सुनवाई नहीं होने पर बबली देवी ने जिला न्यायालय की शरण ली थी। इसमें मुन्नी देवी, सुमन देवी के अलावा तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी, जिला अधिकारी, प्रदेश सरकार को प्रतिवादी बनाया गया था।
बुधवार को बबली देवी के वकील राहुल त्यागी ने बताया कि जिला न्यायाधीश बबीता रानी ने ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को शून्य कर निरस्त घोषित कर दिया है। इसका कारण बबली देवी को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया माना गया है।
उधर, कोर्ट का फैसला आने के बाद बबली देवी का कहना था कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा था। यह सत्य की जीत है। भाजपा ने धांधली करके चुनाव जीता था, जबकि मुन्नी देवी का कहना था कि वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण लेंगी। यदि फिर से चुनाव होता है तो वे इसके लिए भी तैयार हैं।