सहारनपुर। नुमाइश कैंप में दुकानदारों ने पहले तो नगर निगम की संपत्ति पर अपने आप दुकानें बना दीं और उसके बाद बीते 20 साल से न तो कोई अनुबंध कराया है और न ही निगम को किराया दिया है। इस बीच कई संपत्ति अधिकारी आए और चले गए, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब अपर नगर आयुक्त की ओर से जारी किए गए नोटिस के बाद से संबंधित दुकानदारों में खलबली मची है, जो नगर निगम के अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे हैं।
नुमाइश कैंप में नगर निगम की 35 दुकानें हैं। नगर निगम के संबंधित अधिकारी के अनुसार जिन लोगों को उक्त दुकानें आवंटित हैं। उन लोगों ने वर्ष 2002 में अपनी दुकानों के ऊपर अपने आप दुकानें तैयार कर लीं, जबकि उस समय नगर पालिका की अनुमति के बगैर ऐसा नहीं किया जा सकता था। नगर पालिका चाहती तो जरूरत के हिसाब से खुद निर्माण कराती, लेकिन दुकानदारों ने निर्माण कर लिया। इतना ही नहीं, दुकानों के निर्माण के बाद किराये का कोई अनुबंध दुकानदारों द्वारा और तत्कालीन संपत्ति अधिकारी द्वारा नहीं किया गया। बीते 20 साल से दुकानदार ऊपर की दुकानों पर अवैध रूप से काबिज हैं।
अब अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद अपर नगर आयुक्त राजेश कुमार यादव की ओर से ऊपर दुकान बनाने वाले 32 दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जिसके बाद दुकानदारों में बेचैनी है। किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचने के लिए वह अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। नोटिस 20 अक्तूबर 2022 को जारी किए गए थे और एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा गया था, लेकिन अभी तक किसी दुकानदार की ओर से जवाब नहीं आया है।
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अब भी जारी है निर्माण
नगर निगम द्वारा नोटिस जारी करने के बाद भी कुछ दुकानदार बाज नहीं आ रहे हैं। जिन दुकानदारों ने 2002 में अपनी आवंटित दुकान के ऊपर दुकान नहीं बनाई थी यानी उनकी छत खाली थी। वह वर्तमान में दुकान का निर्माण करा रहे हैं।
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दुकानदारों का पक्ष
दुकानदारों की पालिका बाजार समिति के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. रमेश मनचंदा ने बताया कि ऊपर की दुकानें तत्कालीन नगर पालिका के अधिकारियों की अनुमति से बनाई गई थी, जिसका सुबूत भी उनके पास है। दुकानदार बीते 20 साल में कई बार नगर पालिका मौजूदा नगर निगम में किराया चुकाने के लिए गए, लेकिन अधिकारियों ने किराया जमा कराने में कोई रुचि नहीं ली। उन्होंने बताया कि बीते 20 साल का किराया सभी चुकाने को तैैयार हैं।
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वर्जन:-
- नुमाइश कैंप स्थित निगम की दुकानों का 20 साल से किराया नहीं चुकाने वाले दुकानदारों को अपर नगर आयुक्त के माध्यम से नोटिस जारी किए गए हैं। कुछ दुकानदार आकर मिले थे। उन्होंने जवाब देने के लिए चार से पांच दिन का समय मांगा है। नगर निगम मौजूदा रेट के हिसाब से 20 साल का किराया वसूल करेगा।
- दिनेश यादव, संपत्ति अधिकारी, नगर निगम।