सहारनपुर। दिल्ली एम्स से शनिवार को फरार हुए बंदी की तलाश में तीन पुलिस टीमें लगी हैं। इनमें दो पुलिस टीमों सहारनपुर जिला कारागार की हैं तो एक पुलिस टीम दिल्ली की है। आरोपी की तलाश में टीमों बागपत और पानीपत में दबिश दी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया है। दिल्ली के हौजखास थाने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की गई है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने बताया कि जनपद बागपत के गांव टीकरी निवासी अरुण शर्मा शनिवार की दोपहर दिल्ली एम्स से फरार हो गया। इसमें बंदी रक्षक और पीएसी के जवान की लापरवाही सामने आई, जिसके बाद बंदी रक्षक को निलंबित कर दिया गया था। आरोपी की तलाश में जिला कारागार की दो टीमों को लगाया है, जो आरोपी के ठिकानों में पर दबिश दे रही है। टीमों ने बागपत और पानीपत में आरोपी की तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल चल सका। दिल्ली पुलिस की टीम भी आरोपी को पकड़ने के प्रयास में जुटी है।
चाय पीने चले गए थे बंदी रक्षक और पीएसी का जवान
दिल्ली से लौटे निलंबित बंदी रक्षक आदित्य सोम और पीएसी के जवान विवेक कौशिक से भी जेल अधीक्षक अमिता दुबे ने पूछताछ की है। इसमें दोनों की लापरवाही उजागर हुई है। दोनों एम्स के वार्ड में बंदी को छोड़कर चाय पीने चले गए थे।
यह था मामला
कोतवाली सदर बाजार पुलिस ने नौ फरवरी को धोखाधड़ी के मामले में जनपद बागपत के कस्बा टीकरी की पट्टीमैन निवासी अरुण शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अरुण शर्मा तभी से जेल में बंद था। 21 फरवरी को एक मामले में अरुण शर्मा की उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार की अदालत में पेशी थी। पुलिसकर्मियों के साथ अरुण जब लौट रहा था तो रास्ते में उसे उल्टी आनी शुरू हो गई थी। इसकी जानकारी संबंधित पुलिसकर्मियों ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे को दी। इसके बाद जिला कारागार के अस्पताल में अरुण को भर्ती कराया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। तत्पश्चात उसे जिला अस्पताल और यहां से राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी रेफर किया गया। मगर, तबीयत ठीक न होने पर चिकित्सकों ने उसे दिल्ली एम्स के लिए रेफर कर दिया। बृहस्पतिवार को बंदी रक्षक आदित्य सोम और पीएसी का जवान विवेक कौशिक ने अरुण शर्मा को दिल्ली एम्स में भर्ती कराया, जहां पर वह शनिवार की दोपहर फरार हो गया।