लखनौती। हलवाना गांव में हाईटेंशन लाइन पर फ्यूज लगा रहे संविदा कर्मी की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर करीब पांच घंटे तक जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंचे विद्युत निगम और पुलिस अधिकारियों ने मुआवजा दिलाने का आश्नासन देकर भीड़ को शांत किया। तब जाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। विद्युत निगम ने विभागीय जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव मोहनपुर निवासी बिल्लू (24) पुत्र फैय्याज सलारपुरा बिजलीघर पर संविदा कर्मी था। बृहस्पतिवार दोपहर वह गांव हलवाना में हाईटेंशन लाइन का फ्यूज लगाने गया था। ग्रामीणों के अनुसार, वह शटडाउन लेकर जैसा ही खंभे पर चढ़ा तो अचानक सप्लाई आ गई। इससे वह करंट की चपेट में आ गया और खंभे से नीचे गिर गया, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन, विद्युत विभाग के एसडीओ और पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को उठाने का प्रयास किया तो भाकियू के प्रेमसिंह राणा, जगपाल कुलबीर सिंह आदि ने ग्रामीणों के साथ मिलकर विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि जब शटडाउन ले लिया गया था, तब बिजली सप्लाई किसने छोड़ी। लापरवाही के कारण यह घटना हुई है। सूचना पर जेई सत्येंद्र कुमार, तहसीलदार जसमेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार राजेश अटवाल और सीओ मुनीष चंद और दिनेश चौधरी मौके पर पहुंचे। करीब पांच घंटे चले हंगामे के बाद नकु्ड़ एक्सईएन द्वारा मुआवजे का आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों ने शव को उठाने दिया।
-परिवार में था इकलौता कमाने वाला
मृतक बिल्लू के तीन छोटी बेटियां हैं। इनमें सबसे बड़ी पांच साल, सबसे छोटी दस माह की है। बिल्लू परिवार में इकलौता कमाने वाला था, उसकी कमाई से ही घर की गुजर-बसर हो रही थी।
वर्जन
परिजनों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। देर रात तक तहरीर नहीं दी गई थी। तहरीर मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-मुनीष चंद, सीओ गंगोह
शटडाउन लिया गया था, लेकिन बिजली आपूर्ति कैसे छोड़ी गई या फिर किसी अन्य लाइन के संपर्क में आने से करंट प्रवाहित हुआ। इसकी जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाया जाएगा।
- सतेंद्र कुमार, एक्सईएन नकुड़