सहारनपुर, तीतरों। हाईटेंशन लाइन पर कार्य करते समय सप्लाई चालू होने से संविदाकर्मी की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों व भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों पर लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। कई घंटों तक शव को नहीं उठाने दिया। बाद में आर्थिक मदद, पत्नी को पेंशन तथा दोषियों पर कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन शांत हुए।
तीतरों बिजलीघर पर सेठपाल (32) पुत्र धर्म सिंह निवासी मोहल्ला टांकान गंगोह पिछले एक साल से बतौर संविदाकर्मी लाइनमैन के रूप में कार्यरत था। पूजना के किसान रविवार को सेठपाल को अपने खेतों में नीचे लटक रही लाइन को ठीक कराने के लिए शटडाउन लेकर गए थे। लाइन ठीक करने के दौरान अचानक विद्युत सप्लाई सुचारू होने से करंट लगने से सेठपाल की मौत हो गई।
मौके पर पहुंचे मृतक के भाई बबलू और जोनी ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते उनके भाई की जान गई है। घटना के कई घंटे बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो परिजनों ने हंगामा करते हुए शव नहीं उठने दिया। उनका कहना था कि अधिकारी सूचना के तीन घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे। इसी दौरान पहुंचे एसडीओ सतीश रावत व कार्यवाहक अवर अभियंता दिनेश कुमार को भी भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा।
भीम आर्मी के गंगोह विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष टिंकू राजा, विकास कुमार, विशाल कुमार, चंद्रपाल बोकाडिया, मुकेश डाबरे का आरोप था कि जेई के द्वारा लाइनों के रखरखाव व ड्यूटी चार्ट में गड़बड़ी किए जाने से ही सेठपाल की जान गई है। जब तक एसएसओ व जेई के विरुद्ध कार्रवाई तथा मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी की घोषणा नहीं की जाती तब तक शव को नहीं उठने दिया जाएगा। मौके पर पहुंचे भाजपा नेता दिनेश चौधरी ने अधिकारियों से वार्ता कर मांगें माने जाने का भरोसा दिला परिजनों को समझा बुझा कर शांत किया।
इसके बाद पुलिस ने शव को मौके से उठवा कर कानूनी कार्रवाई के लिए भेजा। उधर, सीओ गंगोह मुनीश चंद ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन-
मृतक के परिजनों को साढ़े सात लाख की आर्थिक मदद व उसकी पत्नी की स्थायी पेंशन तथा मामले के दोषी कर्मचारियों पर जांचोपरांत विभागीय कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। सतीश रावत, एसडीओ पावर कार्पोरेशन
- संविदाकर्मियों को नहीं दिए जा रहे सेंसरयुक्त हेलमेट
सविंदाकर्मियों की यूनियन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष रामभूल सैनी का आरोप है कि संविदाकर्मियों की नियुक्ति के दौरान एग्रीमेंट में साफ तौर पर लिखा है कि उन्हें सेंसरयुक्त हेलमेट मुहैया कराया जाएगा। ताकि कुछ दूरी से ही करंट होने का बीप बज जाए और हादसों पर अंकुश लग सके। परंतु कहीं पर भी हेलमेट नहीं दिया जा रहा है। इससे आए दिन करंट लगने से संविदाकर्मियों की मौत हो रही है।
मृतक सेठपाल का फाइल फोटो