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Saharanpur News: माध्यमिक विद्यालयों में लगातार घट रही छात्र संख्या

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- बीते 20 साल में ज्यादातर विद्यालयों में 30 से 40 प्रतिशत तक कम हुए छात्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। माध्यमिक परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में छात्रों की संख्या लगातार कम हो रही है। कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां वर्ष 2000 में कक्षा छह से 12वीं तक के दो हजार से अधिक विद्यार्थी हुआ करते थे वहां आज 500 से 1500 के बीच संख्या रह गई है। यह स्थिति तब है, जबकि यहां प्राइवेट स्कूलों से अधिक योग्य शिक्षक हैं, साथ ही यहां से पढ़ने वाले कई विद्यार्थी आगे चलकर आईएएस, आईपीएस अधिकारी तक बने हैं।
शहर के प्रतिष्ठित एसएएम इंटर कॉलेज में वर्ष 2000 में कक्षा छह से 12वीं तक पंजीकृत छात्रों की संख्या 1700 से अधिक थी, लेकिन वर्तमान में यहां 1200 ही छात्र रह गए हैं। चकराता रोड स्थित बीडी बाजोरिया इंटर कॉलेज ऐसी जगह स्थित है, जहां शहर के साथ ही देहात के छात्र भी बड़ी संख्या में आते थे। यहां वर्ष 2000 में 2200 छात्र पंजीकृत थे, लेकिन अब करीब 1200 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। प्रधानाचार्य राजीव रंजन ने बताया कि संख्या हर साल कम हो रही है।
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नेहरू मार्केट स्थित राजकीय इंटर कॉलेज कभी शहर के विद्यार्थियों की बड़ी जरूरत था, जहां वर्ष 2000 में दो हजार से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत थे, लेकिन वर्तमान में यहां मात्र 545 ही छात्र रह गए हैं। प्रधानाचार्य हर्षदेव स्वामी ने बताया कि छात्र संख्या बढ़ाने के लिए वह पैरेंट्स से लगातार बात कर रहे हैं। शिक्षकों से भी अपने आसपास के छात्रों का पंजीकरण कराने को कहा गया है। जेवी जैन इंटर कॉलेज में वर्ष 2000 में पंजीकृत छात्रों की संख्या दो हजार से अधिक थी। वर्तमान में यहां 1700 छात्र पंजीकृत हैं।
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संख्या बढ़ाने को शुरू की सह शिक्षा
छात्रों की संख्या लगातार कम होने के चलते जनपद के अनेक ऐसे माध्यमिक विद्यालयों ने सह शिक्षा शुरू की है, जो विद्यालय कभी केवल लड़कों के कॉलेज कहे जाते थे। इनमें बीडी बाजोरिया इंटर कॉलेज, एचएवी इंटर कॉलेज आदि शामिल हैं। वहां सह शिक्षा हुए कई साल हो गए हैं, लेकिन कोई खास असर नहीं हुआ है। अब एसएएम इंटर कॉलेज भी संख्या बढ़ाने की मंशा से सह शिक्षा शुरू कर रहा है। संख्या घटने की यह है बड़ी वजह है।
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यह माना जा रहा बड़ा कारण
विद्यार्थियों की संख्या घटने की सबसे बड़ी वजह विद्यालयों की संख्या बढ़ना है। वर्ष 2000 में जनपद में माध्यमिक विद्यालयों की संख्या दो सौ से कम थी, जो अब 235 है। इन वर्षों में राजकीय विद्यालयों की भी संख्या बढ़ी है। इसके अलावा सीबीएसई के मुश्किल से 20 या 30 स्कूल हुआ करते थे, जो अब बढ़कर 125 से अधिक हो गए हैं, साथ ही ज्यादातर लोग अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में भेजने लगे हैं।
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विद्यालयों से निकले कई अधिकारी
एसएएम इंटर कॉलेज से 1979 में 12वीं में प्रदेश टॉप करने वाले आलोक कुमार बाद में आईएएस बने। वह बनारस सहित कई जनपदों में जिलाधिकारी रहे। वर्तमान में भी वह शासन में जिम्मेदार पद पर हैं। यहीं से पढ़े आशुतोष जैन नीति आयोग के सदस्य हैं। एसएएम इंटर कॉलेज ही से पढ़े अमल गर्ग आयकर कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। पद्मश्री भारत भूषण बीडी बाजोरिया इंटर कॉलेज से पढ़े हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के योग आचार्य हैं। एसडी इंटर कॉलेज से पढ़े डॉ. अनुज शर्मा एम्स में डॉक्टर हैं। राजकीय इंटर कॉलेज नेहरू मार्केट से पढ़े डॉ. संजीव मिगलानी शहर के प्रतिष्ठित फिजीशियन हैं।
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माध्यमिक विद्यालयों में छात्र संख्या घटने का बड़ा कारण स्कूलों की संख्या बढ़ना ही है, लेकिन फिर भी हमारा प्रयास यही रहेगा कि बीते वर्ष की तुलना में किसी भी विद्यालय में छात्र संख्या कम ना हो। विद्यालयों को संख्या बढ़ाने के लिए निर्देशित किया जाएगा।

- योगराज सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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