चिलकाना। यमुना नदी में पहाड़ों पर हुई बारिश का पानी आ जाने से उत्तर प्रदेश के दो गांवों का संपर्क पूरे दिन कटा रहा। यमुना नदी में बनाया अस्थाई पुल तथा नाव भी पानी में बह जाने से लोगों को अपने कार्य के लिए आने जाने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
गांव टोडरपुर भूखड़ी के पूर्व प्रधान चौधरी संजय, आल्हनपुर के पूर्व प्रधान चौधरी निर्दोष, गाजदीनपुर के पूर्व प्रधान संजय नंबरदार ने बताया कि यमुना नदी में वर्ष में कम से कम चार पांच बार इतना अधिक पानी आता है कि लोगों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट जाता है। बुधवार की रात आए पानी के कारण गांव सोंधेबास तथा गाजदीनपुर का संपर्क पूरे दिन जिला मुख्यालय से कटा रहा। लोगों को सहारनपुर तथा चिलकाना में आने के लिए यमुनानगर होते हुए अपने गंतव्य पर पहुंचना पड़ा।
नदी के रास्ते चिलकाना मात्र 15 किमी दूरी पर है, जबकि यमुनानगर के रास्ते यह दूरी 40 किमी पड़ती है। इसी तरह सहारनपुर दूरी भी 50 किमी होती है। जिन लोगों के खेत यमुना नदी के दोनों तरफ हैं, उन्हें पशुओं का चारा लेने के लिए पूरे दिन नदी में पानी कम होने की प्रतीक्षा करनी पड़ी।
देर शाम तक नदी का बहाव कम नहीं हो पाया था। लोगों को पशुओं के चारे के लिए एक दूसरे पर आश्रित होना पड़ा। जब तक नदी में अस्थाई पुल नहीं बनेगा, तब तक लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ेगा। नाव के द्वारा उन्हें अधिक धन भी खर्च करना पड़ेगा। 25 दिन पहले ही नदी में इतना पानी आया था कि दो दिन नदी के बीच होकर आना जाना बंद रहा।
- यमुना में 10522 क्यूसेक पानी छोड़ा
बेहट। बुधवार रात पहाड़ी क्षेत्र में बारिश होने के बाद यमुना का जल स्तर बढ़ गया है। जिसके चलते हथिनीकुंड बैराज से बृहस्पतिवार को यमुना नदी में 10522 क्यूकेस पानी छोड़ा गया है। रात आठ बजे तक जल स्तर की ये ही स्थिति रही।