राजपूत समाज के लोगों को समझाते थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवेश कुमार। संवाद
नागल(सहारनपुर)। गांव भलस्वा ईसापुर में क्षत्रिय सम्राट मिहिर भोज का बोर्ड लगाने को लेकर पुलिस और राजपूत समाज के लोग आमने-सामने आ गए। गांव में खाली बोर्ड लगाने के बाद रात भर पुलिस और राजपूत समाज के लोग मौके पर डटे रहे। नारेबाजी कर पुलिस के खिलाफ धरना भी दिया गया। वहीं अधिकारियों के बिना अनुमति बोर्ड न लगने देने के सख्त रवैये के चलते आखिर में इस बात पर सहमति बन गई कि पुलिस राजपूत समाज द्वारा लगाया गया खाली बोर्ड न उखाड़ने और बिना अनुमति के राजपूत भी उस पर कुछ नहीं लिखेंगे। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
राजपूत बाहुल्य गांव भलस्वा ईसापुर में मंगलवार शाम राजपूत समाज के लोगों ने गांव के बाहर सड़क किनारे एक बोर्ड लगा दिया। जिस पर वे क्षत्रिय सम्राट मिहिर भोज का फ्लेक्स चिपकाना चाहते थे। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बिना अनुमति बोर्ड न लगाने देने की बात कही तो राजपूत समाज के लोगों ने विरोध दर्ज करते हुए नारेबाजी की। मामला तूल पकड़ा देख एसपी देहात सागर जैन, एसडीएम सदर, सीओ देवबंद रामकरण भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन वे कुछ समझने को तैयार नहीं थे। आधी रात तक हंगामा चलते रहने के बाद करीब 12 बजे अधिकारी वापस लौट गए, लेकिन पुलिस मौके पर डटी रही।
बुधवार सुबह करीब आठ बजे राजपूत समाज के लोगों ने बोर्ड के पास टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि वह कोई देशद्रोही काम नहीं कर रहे हैं। केवल राजपूत समाज के आदर्श सम्राट मिहिर भोज का बोर्ड लगाना चाहते हैं, लेकिन पुलिस ने दो टूक कहा कि बिना किसी अनुमति के बोर्ड नहीं लगने दिया जाएगा। काफी जद्दोजहद के बाद प्रशासन का सख्त रुख देखते हुए दोपहर बाद दो बजे राजपूत समाज के लोगों ने एक प्रस्ताव रखा कि उनका बोर्ड पुलिस नहीं उखाड़े और वह भी बोर्ड पर कुछ नहीं लिखेंगे। वह कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से ही बोर्ड लगाने का काम करेंगे। इस पर पुलिस प्रशासन सहमत हो गया और मामले का फिलहाल पटाक्षेप हो गया। सीओ देवबंद रामकरण ने बताया कि पुलिस बिना अनुमति बोर्ड पर कुछ भी नहीं लगाने देगी। बोर्ड की निगरानी की जा रही है।