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Saharanpur News: मोबाइल और आधार नंबर की अनिवार्यता बनी इलाज में बाधा

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- मोबाइल नहीं लाने पर कई मरीज बिना इलाज के लौटे वापस
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- 741 मरीज ओपीडी में आए, आभा एप के जरिए बन रहे ओपीडी के पर्चे


फोटो - 04 की सीरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं नहीं थम रही हैं। आभा एप के जरिए ओपीडी के पर्चे बनने से मरीज परेशान हैं। शुक्रवार को मोबाइल व आधार नंबर की अनिवार्यता के चलते मरीजों का पर्चा नहीं बना और वे बिना इलाज के ही वापस चले गए।
एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड का है। सुबह आठ बजे से ओपीडी शुरू होती है, जो दोपहर दो बजे तक चलती है। इन दिनों गर्मी बढ़ने के साथ ही अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। एक हजार से ऊपर ओपीडी में मरीज पहुंच रहे हैं। शासन ने अस्पतालों में आभा एप के जरिए ओपीडी के पर्चे बनाने की व्यवस्था शुरू की है। इसके लिए मरीजों के पास मोबाइल व आधार नंबर होना जरूरी है।
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शुक्रवार को जिला अस्पताल के पंजीकरण काउंटर के बाहर मरीजों की भीड़ थी। पर्ची काउंटर के अलावा तीन कर्मचारी बाहर खड़े होकर मरीजों के आभा एप से ओपीडी के पर्चे बना रहे थे। मरीजों से मोबाइल और आधार नंबर लिया जा रहा था। जिस पर काफी मरीजों मोबाइल पर घर से आधार नंबर पूछा। तब जाकर उनका आभा एप में नाम दर्ज होने के बाद पर्चा बन पाया। लेकिन काफी मरीज ऐसे रहे, जिनके पास न तो मोबाइल था और न ही वह आधार कार्ड लेकर पहुंचे थे। जिसके चलते उन्हें बिना कराए ही लौटना पड़ा। यहीं नहीं यह व्यवस्था देखकर कई मरीज ऐसे भी रहे, जिन्होंने प्राइवेट अस्पताल में दिखाना पड़ा। इलाज में मोबाइल व आधार नंबर बाधा बन रहा है। जहां अन्य दिनों में ओपीडी एक हजार से अधिक रहती थी, वह शुक्रवार को 741 तक ही सिमट गई।
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शासन के निर्देश पर आभा एप के जरिए ओपीडी के पर्चे बनाए जा रहे हैं। इसके लिए पंजीकरण काउंटर पर कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं, जो एप के पर्चे बनाते हैं। यदि किसी मरीज के पास मोबाइल व आधार नंबर नहीं है तो उनके भी ओपीडी पर्चा बनवा रहे हैं। - डॉ. रतनपाल सिंह सुमन, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
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