सहारनपुर। दिसंबर चल रहा है, रात के समय सर्दी बढ़ गई है, लेकिन नगर निगम की ओर से अभी तक नागरिकों खासकर सड़कों पर रहने वाले लोगों को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त बंदोबस्त नहीं किए हैं। नतीजा लोग खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। अमर उजाला की टीम ने बृहस्पतिवार की रात महानगर का भ्रमण कर लोगों को सर्दी से बचाने के लिए नगर निगम द्वारा दी जा रही सुविधा की पड़ताल की। लोग फुटपाथ, खोदी गई सड़कों, रेलवे स्टेशन के बाहर खुले में सोते नजर आए। कुछ जगहों पर कचरा और पुराने कपड़े जलाकर सेकते मिले।
रात्रि 11 बजे कोर्ट रोड पुल के ऊपर एक व्यक्ति टूटे फुटपाथ पर गमले की बगल में सोता मिला। 11:05 मिनट पर जीपीओ रोड पर खोदी गई सड़क के किनारे मिट्टी के ढेर पर लोग चादर ओढ़कर सोते हुए नजर आए। 11:10 बजे अनेक लोग रेलवे स्टेशन के बाहर फर्श पर सोते हुए मिले। रेलवे स्टेशन के बाहर ही कई युवक कचरा और पुराने कपड़े जलाकर सर्दी से राहत पाने का प्रयास करते नजर आए। इसके बाद 11:15 बजे नगर निगम के रैन बसेरे का भ्रमण किया गया, वहां लोग रजाई ओढ़कर सुकून से सोते हुए मिले। बता दें कि नगर निगम के रैन बसेरे में 50 बेड की सुविधा है। यहां बेड, गद्दे, रजाई आदि की सुविधा है, लेकिन मात्र 50 बेड सड़कों पर रहने वाले सैकड़ों लोगों के लिए नाकाफी हैं।
दो साल पहले तक नगर निगम स्थायी रैन बसेरों के साथ ही स्टेशन के बाहर अस्थायी रैन बसेरे की भी व्यवस्था करता रहा है, लेकिन एक साल से केवल स्थायी रैन बसेरों में सुविधा दी जा रही है। गौर करने वाली बात यह है कि इस बार अभी तक अलाव के लिए लकड़ी की भी व्यवस्था निगम ने नहीं की है। ऐसे में लोग कचरा इकट्ठा कर और पुराने कपड़े जलाकर सर्दी से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं।
आदत से मजबूर हैं लोग, नहीं जाते रैन बसेरा
फुटपाथ और सड़कों किनारे जिंदगी बिताने वाले लोग खुद भी रैन बसेरे में जाना नहीं चाहते हैं। बीते वर्षों में प्रशासन और निगम के अधिकारी उक्त लोगों को रात में उठाकर रैन बसेरे में ले जाने का प्रयास कर चुके हैं। इनमें से कुछ लोग ना जाने की जिद पर अड़ जाते हैं, जबकि कुछ फिर से लौटकर यहीं आ जाते हैं। इसकी वजह यह है कि लोग इनको फुटपाथ पर गर्म कपड़े, कंबल और भोजन देकर जाते हैं, जिसके लालच में यह फुटपाथ और सड़क नहीं छोड़ते हैं।
अस्थायी रैन बसेरे की व्यवस्था बीते साल से बंद कर दी गई थी। हमारे पास एक नगर निगम का और एक-एक रैन बसेरा जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में है। जो लोग सड़कों पर सो रहे है उन्हें रैन बसेरा में सोने के लिए कहा जाएगा।15 दिसंबर से अलाव जलवाए जाएंगे।
- दिनेश कुमार यादव, प्रभारी, रैन बसेरा।
रेलवे स्टेशन परिसर में कोहरे व ठिठरती ठंड में सोते व्यक्ति- फोटो : SAHARANPUR
जीपीओ रोड पर ठिठरती ठंड में टूटी सड़क के किनारे सोता व्यक्ति- फोटो : SAHARANPUR
रेलवे रोड पर ठिठरती ठंड में कपड़े व पॉलिथिन जला ठंड से बचाव करते लोग- फोटो : SAHARANPUR
रेलवे रोड पर ठिठरती ठंड में कपड़े व पॉलिथिन जला ठंड से बचाव करते लोग- फोटो : SAHARANPUR