-जैन कॉलेज में बने राहत शिविर में पहुंचे अधिकारियों ने पीड़ितों को दिया शिविर छोड़ने का फरमान
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत शिविर में रह रहे जिन बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। उन्हें माता-पिता तुल्य बताया था। शनिवार को अधिकारियों ने उन्हीं पीड़ितों को शिविर छोड़ने का फरमान सुना दिया। इससे परेशान पीड़ित लाचार नजर आए और रोकर अपना दुखड़ा सुनाया। उनका कहना था कि अभी तक उनके घरों से पानी नहीं उतरा है। घर में राशन के साथ ही कुछ नहीं बचा है। ऐसे में वह कहां जाएं।
जैन कॉलेज में लगे राहत शिविर में 14 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहुंचकर पीड़ितों से बात की और उन्हें राशन की किट प्रदान की थी, साथ ही उन्होंने शिविर में रह रहे पीड़ितों को अपने माता-पिता और भाई बहन तुल्य बताते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। सभी पीड़ितों को बाढ़ में हुए नुकसान की भरपाई का भरोसा जगा था, लेकिन अगले ही दिन शनिवार को प्रशासन की टीम ने शिविर में रह रहे परिवारों को शिविर छोड़ देने का फरमान जारी कर दिया। उन्हें अपने घर लौट जाने की बात कही, क्योंकि शिविर हटाया जाना है। इससे नाराज पीड़ितों की सरकार और प्रशासन से मदद की उम्मीद टूट गई और उन्होंने रोकर अपनी पीड़ा बयां की।
कृष्णापुरम निवासी भागवंती की उम्र 60 साल है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के पांच सदस्य शिविर में हैं। जिन घरों से पानी पूरी तरह उतर गया है वह लोग लौट चुके हैं, लेकिन उनके घरों में पानी और कीचड़ जमा है। घर में कुछ सामान नहीं बचा है। ऐसे में वह कहां जाएं। कृष्णापुरम निवासी नरेशो भी 60 की उम्र पार कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि घरों में रखा राशन, बच्चों की किताबें, कपड़े, फर्नीचर सब खराब हो चुका है, कुछ बह गया है। ऐसे में वह शिविर छोड़कर कहां जाएं। राकेश शर्मा ने बताया कि उनके घर में अब भी पानी भरा हुआ है। सामान खत्म हो चुका है। ऐसे में वह कहां जाएं और क्या खाएं।
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फफक कर रो पड़ी पूजा
वंशिका विहार निवासी पूजा यादव के परिवार के चार सदस्य शिविर में हैं। पूजा ने बताया कि उनके बच्चों की किताबें, घर का राशन, कपड़े, बर्तन, बिस्तर सब खराब हो चुका है। घर में पानी और कीचड़ अब भी है। अधिकारी शिविर छोड़कर चले जाने की बात कह रहे हैं। उसका कहना है कि उनके हाथ में कुछ भी नहीं है। ऐसे में पानी भरे घर में जाकर वह करेंगी क्या। यह कहते हुए वह फफक कर रो पड़ी।
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रातोंरात फर्श से बिस्तर पर पहुंच गए पीड़ित
मुख्यमंत्री का दौरा होने के कारण प्रशासन को पंजाबी बाग में चल रहे राहत शिविर को जैन कॉलेज में शिफ्ट कर दिया। चूंकि मामला मुख्यमंत्री से जुड़ा था। ऐसे मेंं शिविर की सुविधाएं रातों रात बदल दी गई। पीड़ितों ने बताया कि पंजाबी बाग में पीड़ित फर्श पर बिछे गद्दों पर थे, लेकिन जैन कॉलेज में फोल्डिंग पर गद्दे और सफेद चादरें तान दी गईं। एलईडी टीवी लगाया गया। खानपान का पूरा मेन्यू बदल दिया गया।
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डीआईओएस ने दिया भरोसा
जिला विद्यालय निरीक्षक योगराज सिंह भी शनिवार को शिविर में पहुंचे। उन्होंने वहां रह रहे ऐसे विद्यार्थियों से बात की, जिनकी किताबें बाढ़ में खराब हो गई हैं। उन्होंने उक्त सभी को किताबें मुहैया कराने का आश्वासन दिया।