सहारनपुर। अमर उजाला में चार नवंबर को छपी खबर बारूद के ढेर पर बैठा सहारनपुर के बाद प्रशासन ने सक्रियता को और बढ़ा दिया है। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. दिनेश चन्द्र ने दीपावली के त्योहार पर अस्थायी शेड में आतिशबाजी, भंडारण एवं बिक्री को लेकर दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि घरों के अंदर और सार्वजनिक रास्तों पर पटाखे न छुडाए जाएं। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को आतिशबाजी नहीं बेची जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि आतिशबाजी ज्वलनशील सामग्री के लिए बने शेड में रखे जाएगी। आतिशबाजी के भंडार और बिक्री शेड एक दूसरे के आमने सामने नहीं होगे। शेड में तेल से जलने वाले लैम्पों, गैस लैम्पों आदि उपयोग नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि बिजली के बल्ब आदि का उपयोग किया जाए तो उसे दीवार या छत पर फिक्स करें। आतिशबाजी की दुकानों के लिए प्राथमिक चिकित्सा, एंबुलेंस और कम से कम दो अग्निशमन वाहन की व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष के कम आयु के बच्चों को आतिशबाजी न बेचें जब तक कि उनके साथ कोई वयस्क व्यक्ति न हो। पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र एवं बालू से भरी बाल्टियां उपलब्ध रखें। सभी संबंधित व्यक्ति अग्निशामक यंत्रों के संचालन के लिए प्रर्याप्त प्रशिक्षित होने चाहिए। त्योहार के दौरान निर्धारित शर्ताें के तहत ही अस्थायी दुकान में आतिशबाजी बिक्री की अनुमति दी जाएगी।