सहारनपुर। थाना मंडी क्षेत्र की एक महिला चिकित्सक पर गर्भवती महिला के गलत उपचार का आरोप लगा है। इसके चलते गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हुई थी। पीड़ित न्याय के लिए दर-दर भटकता रहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब छह साल बाद कोर्ट के आदेश पर थाना मंडी पुलिस ने महिला चिकित्सक के खिलाफ केस दर्ज कर शुरू कर दी है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला छिपीयान निवासी आसिफ अंसारी ने बताया कि गर्भवती पत्नी को उपचार के लिए गोल कोठी स्थित महिला चिकित्सक शोभा जैन के अस्पताल में चार मार्च 2019 को ले गया था। जहां महिला चिकित्सक ने अपने यहां स्थित लैब में सभी जांच कराई। उसकी पत्नी का अल्ट्रासाउंड करने के बाद सब कुछ सही होना कहकर कुछ दवाइयां खाने को दी। इसके बाद घर भेज दिया। घर आकर पत्नी की हालत बिगड़ी तो तुरंत फोन पर महिला चिकित्सक से संपर्क किया। मगर उन्होंने दवाइयां खाते रहने की बात कही। पत्नी की अधिक हालत खराब होने पर रात में ही महिला चिकित्सक के अस्पताल ले गया। जहां नर्स ने उस समय महिला चिकित्सक से मिलना असंभव बताया। पत्नी की हालत बिगड़ती देखकर उसे जिला अस्पताल में आया, जहां उसकी पत्नी को भर्ती किया गया।
यहां से पत्नी को देहरादून स्थित एक अस्पताल ले गया, जहां चेकअप के बाद कहा गया कि इलाज में लापरवाही बरतने व गलत इलाज देने के कारण उसकी पत्नी मौत के कगार पर पहुंचे गई है। गर्भ के नले में बच्चा फंसा हुआ है। आरोप है कि इस बारे में महिला चिकित्सक शोभा जैन ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। जिसके चलते उसकी पत्नी की जान पर बन आई। बाद में ऑपरेशन से गर्भ में फंसे पीस काटकर निकाले गए। इससे बच्चे की जान चली गई। इस सब में 3.50 लाख रुपये खर्च हो गए। आसिफ अंसारी ने आरोप लगाया कि यह सब महिला चिकित्सक के गलत इलाज देने के कारण हुआ। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली मंडी पुलिस ने आरोपी महिला चिकित्सक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।