सहारनपुर। मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में महज औपचारिकता निभाई जा रही है। कई केंद्र ऐसे रहे, जिन पर डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। उनकी जगह पर फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स ही मरीजों की देखती नजर आईं। किसी भी केंद्र पर डेंगू की जांच नहीं हुई। केवल 52 मरीजों के मलेरिया जांच के लिए नमूने लिए। रिपोर्ट में मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई।
हर रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन होता है। रविवार को टीम ने आरोग्य मेले की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। नेहरू मार्केट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शहरी क्षेत्र का मुख्य केंद्र है। इसी परिसर में एडी हेल्थ का कार्यालय भी है। रविवार को यहां फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन मिले। जब स्टाफ से डॉक्टर के बारे में पता किया तो उन्होंने उनकी ड्यूटी न होना बताया। कहा कि डॉक्टर महिला अस्पताल में हैं। ऐसे में फार्मासिस्ट व स्टाफ ने ही 50 से अधिक मरीजों को देखा।
उधर, सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने पिंजौरा और न्यू आवास विकास पीएचसी का निरीक्षण कर व्यवस्था देखी। दोनों जगह आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता नदारद मिली। उन्होंने बताया कि रविवार को 59 केंद्रों पर 3264 मरीज देखे गए।
- ग्रामीण क्षेत्रों के आरोग्य मेलों की स्थिति
साढ़ौली कदीम के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कंबोह माजरा में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में 30 मरीजों ने पंजीकरण कराकर उपचार कराया। पीएचसी पर चिकित्सक की तैनाती न होने के चलते फार्मासिस्ट सुशील राणा ने ही मरीजों का उपचार किया।
बड़गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 38 मरीजों ने पंजीकरण कराया। चिकित्सक मनोज चौहान ने बताया कि अधिकांश मरीज सांस, मधुमेह, खुजली, चर्मरोग, बुखार आदि के रहे। सरसावा सीएचसी के ग्राम पिलखनी तथा पंचकुआं में आरोग्य मेला लगाया गया। ग्राम पिलखनी में डॉ. राजीव कुमार तथा ग्राम पंचकुआं में डॉ. मनोज कुमार ने मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की।
तीतरों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आरोग्य मेले में चिकित्सकों ने बुखार सर्दी जुकाम व त्वचा रोग आदि रोगों के 65 मरीजों की जांच के बाद उपरांत उपचार किया है।
- वर्जन
डॉक्टरों की कमी है। कुछ स्थानों पर सप्ताह में तीन दिन डॉक्टरों की तैनाती रहती है, जिसकी वजह से सभी आरोग्य मेले में चिकित्सक की तैनाती कराना संभव नहीं हो पाता है। - डॉ. प्रवीण कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी