- बाढ़ पीड़ितों के प्रति गंभीर थे मुख्यमंत्री, जिले में हुई मौतों का भी मन थी टीस
- पुलिस की ओर से हेलीपैड के पास की गई थी व्यवस्था
अभिमन्यु वालिया
सहारनपुर। जिले में 28 मोहल्ले और 118 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए और सात लोगों की जान गई। इसके प्रति मुख्यमंत्री के मन में टीस दिखाई और भाषण के दौरान भी यह दर्द नजर आया।
पुलिस लाइन में हेलिकाॅप्टर से उतरने के बाद मुख्यमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर से लेने से मना कर दिया। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि वह दुख घड़ी में आए हैं। इसलिए किसी भी तरह की औपचारिकता की जरूरत नहीं है। यहां से मुख्यमंत्री तुरंत बाढ़ पीड़ितों से मिलने के लिए जेवी जैन डिग्री कॉलेज रवाना हो गए। यहां शिविर में बाढ़ का हालचाल जाना और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया। यहां मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी बात की। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मेरी माता, बहनें, पिता तुल्य बुजुर्ग और भाई समान नौजवानों को डरने की जरूरत नहीं है। हमारी सरकार हर नुकसान की भरपाई करेगी। यहां 20 मिनट रुकने के बाद मुख्यमंत्री पुलिस लाइन सभागार पहुंच गए और अधिकारियों के साथ बैठक में बाढ़ पीड़ितों को दी गई मदद व अब तक हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों किसी भी तरह कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। तत्पश्चात जब मुख्यमंत्री ने मीडियाकर्मियों को जानकारी दी तो उनके तेवर में नरम थे। उनकी बातों में बाढ़ पीड़ितों को हुए नुकसान और सात मौत का दर्द झलक रहा था। मृतकों के परिवार के प्रति योगी आदित्यनाथ ने संवेदना प्रकट की। सिर्फ छह मिनट में अपनी बात पूरी करते हुए वह गाजियाबाद के लिए रवाना हो गए। पूरे दौरे के दौरान उन्होंने सिर्फ बाढ़ पीड़ितों के बारे में ही चर्चा की। इसके अलावा अन्य किसी मुद्दे पर वार्ता नहीं की।
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मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट दी, महिलाओं का जाना हाल
सहारनपुर। मुख्यमंत्री ने महानगर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा किया। इसके बाद वे जेवी जैन डिग्री कॉलेज में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचे। यहां उन्होंने बच्चों से बात करने के साथ उन्हें चॉकलेट और बिस्कुट से भरे टिफिन बॉक्स भी दिए। वहीं महिलाओं से उनका हाल जाना। 35 परिवारों को राहत सामग्री की किट दी। उन्होंने वार्ड 34 वंशिका विहार-कृष्ण पुरम निवासी सीमा यादव से बात की। महिला ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि उनका मकान पानी में डूब गया है। सारा सामान खराब हो गया। जिस पर मुख्यमंत्री ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया।