तीतरों (सहारनपुर)। जिला प्रशासन की कार्रवाई से नाराज कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की मुख्य रसोईया ने अपने पद से त्यागपत्र दिया। इससे सैकड़ों बच्चों को खाने की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
बता दें कि महंगी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में विगत दो जुलाई को फूड प्वाइजनिंग के चलते 30 से अधिक बालिकाएं बीमार हो गई थी। इसके बाद डीएम अखिलेश सिंह ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर मामले की जांच के आदेश दिए थे। जाचोंपरात जिला प्रशासन ने वार्डन, एक शिक्षिका व सहायक रसोइये को लापरवाही का दोषी मानते हुए उनकी संविदा समाप्त कर दी थी। कार्रवाई के बाद से ही विद्यालय स्टाफ की किल्लत से जूझ रहा है। इसमें स्कूल की दो शिक्षिकाओं व लेखाधिकारी को सहारनपुर बीएसए कार्यालय से संबद्ध किया हुआ है।
सोमवार की सुबह विद्यालय की मुख्य रसोइया उमादेवी ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। मुख्य रसोइया ने जिला प्रशासन की कार्रवाई और वार्डन पर हरसमय की छींटाकशी से परेशान होकर त्यागपत्र देने की बात कही है। ऐसे में 82 बालिकाओं के भोजन और नाश्ते की समस्या पैदा हो गई है। कार्यवाहक वार्डन दीपिका सैनी का कहना है कि मुख्य रसोईया के छींटाकशी के आरोप निराधार हैं। उसने घरेलू कार्यों में व्यवधान के चलते त्याग पत्र दिया है। बताया कि एक सहायक रसोईया तैनात है उसके सहयोग के लिए एक सहायक रसोइया की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है।