अमर उजाला विशेष
12 थानों से मिलती देहात कोतवाली की सीमा
थाने पहुंचने के लिए पीड़ितों को होना पड़ता है परेशान
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अभिमन्यु वालिया
सहारनपुर। जिले में थानों का भूगोल बदले तो फरियादियों को राहत मिले। महानगर में बेहट रोड स्थित देहात कोतवाली तक पहुंचने के लिए पीड़ित लोगों को कई थाना क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे में समय पर फरियादी नहीं पहुंच पाते हैं और पुलिस को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
इस कोतवाली का भूगोल बदले जाने की मांग लंबे समय से उठ रही है। एक वर्ष पूर्व पुलिस महकमे ने प्रस्ताव भी बनाया था, जिसमें देहात कोतवाली के क्षेत्रों को नजदीक स्थित थानों में मिलाने का खाका तैयार किया गया था, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं मिली है। दरअसल, महानगर के चारों तरफ का इलाका देहात कोतवाली क्षेत्र में आता है। वारदात होने पर देहात कोतवाली पुलिस को अपनी क्षेत्र में जाने के लिए कई थाना क्षेत्रों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। कोतवाली का क्षेत्र मल्हीपुर रोड, गांव रामनगर, चिलकाना रोड, गांव शेखपुरा तक पड़ता है, जबकि इन क्षेत्रों के नजदीक कोतवाली सदर बाजार, कोतवाली मंडी, थाना जनकपुरी, नगर कोतवाली सहित कई पुलिस चौकियां पड़ती हैं। इसी को देखते हुए गांव रामनगर को कोतवाली सदर बाजार, चिलकाना रोड कोतवाली मंडी और शेखपुरा में थाना बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। एक वर्ष बीतने बाद भी इस प्रस्ताव पर कार्य नहीं हुआ, जिसकी वजह से पीड़ित लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। संवाद
इन 12 थानों से मिलती हैं सीमाएं
देहात कोतवाली की सीमा कोतवाली सदर बाजार, नगर कोतवाली, थाना जनकपुरी, थाना चिलकाना, कोतवाली बेहट, थाना फतेहपुर, थाना गागलहेड़ी, थाना नागल, कोतवाली रामपुर मनिहारान, थाना बड़गांव, थाना कुतुबशेर और कोतवाली मंडी से मिलती हैं।
छह माह बाद भी नहीं बना बाल मित्र थाना
छह माह पूर्व शासन ने प्रत्येक जिले में बाल मित्र थाना बनाए जाने को हरी झंडी दी थी। इसके तहत सहारनपुर पुलिस लाइन में भी बाल मित्र थाना बनाया जाना था। इस थाने में नाबालिग अपराधियों के जीवन में सुधार लाने की कवायद होगी। मगर, छह माह बाद भी थाना बनाने को कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसके अलावा शेखपुरा कदीम में थाना बनाए जाने प्रस्ताव भी लंबे समय से अटका हुआ है।
बोले लोग, होना चाहिए समस्या का समाधान
शेखपुरा निवासी अब्दुल राव का कहना है कि देहात कोतवाली उनके गांव चार से पांच किलोमीटर दूर पड़ती है, जबकि कोतवाली सदर बाजार नजदीक है। देहात कोतवाली जाने को उन्हें कई थानों की सीमाओं से होकर गुजरना पड़ता है। गांव रामनगर निवासी रमेशपाल का कहना है कि गांव में देहात कोतवाली चौकी बनी है, लेकिन कोतवाली जाना हो तो पूरा शहर पार करना पड़ता है। इस क्षेत्र को कोतवाली सदर बाजार से मिला दिया जाए तो लोगों को काफी आसानी होगी।
थानों का भूगोल बदले जाने का मामला शासन स्तर का है। पूर्व प्रस्ताव भेजे गए हैं। उम्मीद है कि शासन से हरी झंडी मिलने पर जल्द इन पर कार्य शुरू होगा।
-डा. विपिन ताडा, एसएसपी