रस्म तौशा शरीफ संपन्न, उर्स की तैयारियां हुई तेज
गंगोह। रस्म तौशा शरीफ संपन्न होने के साथ ही हजरत कुतुब ए आलम के उर्स की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई है। कार्यक्रम में अनेक लोगों ने भाग लिया।
बता दें कि विख्यात हजरत कुतबे आलम के सालाना उर्स की रस्मो रवायतों का सिलसिला 14 जनवरी की रात से शुरू हो जाएगा जो 18 जनवरी तक चलेगा। रविवार को उर्स से एक सप्ताह पूर्व होने वाली रस्म तौशा शरीफ संपन्न की गई। दरगाह परिसर में सज्जादा नशीन महताब आलम कुद्दुसी ने बताया कि हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षा के अनुसार अखलाक, किरदार, मोहब्बत व इंसानियत के उसूलों पर चलकर इन बुजुर्गों को ऊंचा मुकाम मिला। कार्यक्रम की शुरुआत नात-ए-पाक से हुई। कुल शरीफ और दुआ कराई गई। कार्यक्रम के बाद लंगर का आयोजन भी किया गया। तौशा शरीफ की रस्म में पूर्व चेयरमैन नोमान मसूद, मो. यासिर, शादाब जहां, मो. सुहेल के अलावा दूर दराज से आए लोग भी शामिल रहे। इससे पहले सुबह के समय हजरत कुतुब ए आलम की दरगाह पर गुस्ल की रस्म अदा की गई। हजरत कुतबे आलम, शेख दाउद, शेख सादिक, मामू मौला बख्श, शेख अबू सईद की दरगाहों पर हो रही तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पीर-फकीरों का आना भी शुरू हो गया है।