बेहट। गारमेंट्स व्यापारी लकी की मौत के मामले में पुलिस ने घटना के बाद दी गई तहरीर पर दो सगे भाइयों और उनके पिता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
बता दें कि 31 अक्तूबर की रात कस्बे की आरडी मार्केट में थाना मिर्जापुर क्षेत्र के गांव हसनपुर नौगांवा निवासी अर्पित उर्फ लकी की गारमेंट्स की दुकान में भीषण आग लग गई थी। अर्पित भी आग की लपटों में झुलस गया था, जिसकी शुक्रवार को देहरादून के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। घटना से अगले दिन अर्पित के पिता शिवकुमार ने कोतवाली में तहरीर देकर गांव मरवा निवासी पड़ोसी दुकानदार शंकर, उसके भाई सत्यम व पिता कुशल सिंघल पर दुकान पर बैठे लक्की पर रंजिशन पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी, लेकिन उस समय पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। पुलिस के इस रवैये से नाराज ग्रामीण और परिजन लकी की मौत के बाद उसका शव लेकर देहरादून से सीधी कोतवाली पहुंचे थे और हाईवे पर जाम लगा दिया था। इसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में घटना के तुरंत बाद लकी के पिता द्वारा दी गई तहरीर पर ही शंकर व सत्यम और उनके पिता कुशल सिंघल के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मृतक के पिता शिवकुमार द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
- योगेश शर्मा, इंस्पेक्टर