मिर्जापुर। तीन राज्यों की सीमा पर हथनीकुंड बैराज के पास स्थित खारा जल विद्युत परियोजना की क्षमता जल्दी ही बढ़ने वाली है। उत्पादन क्षमता बढ़ने के बाद जो बिजली बनाई जाएगी उससे करीब पांच हजार लोगों को फायदा होगा। 1.5 मेगावाट की खारा लघु जल परियोजना का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है, जिसके बाद यहां से कलसिया के 33केवीए बिजलीघर पर सप्लाई होगी।
दरअसल, खारा जल विद्युत परियोजना की स्थापना वर्ष 1992 में हुई थी। इसमें 24-24 मेगावाट की तीन टरबाइन लगाई गईं हैं। जिसका प्रतिदिन बिजली उत्पादन 72 मेगावाट है। इसके अलावा बाद में बाबैल और बेलका जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण किया गया, जिनसे 3-3 मेगावाट बिजली का उत्पादन होना शुरू हो गया, जो बढ़कर 78 मेगावाट हो गया। खारा प्रोजेक्ट से उत्पादित बिजली की सप्लाई कलसिया 220 केवीए और मोहनपुर गाड़ा 220 केवीए पर की जा रही है।
अभी हाल में इसी क्रम में 1.5 मेगावाट की खारा लघु जल परियोजना पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिसका 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इस परियोजना का कार्य पूरा होने के बाद बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़ जाएगी। अधिकारियों के मानें तो जितना बिजली उत्पादन बढ़ेगा उसमें कम से कम पांच हजार घरों को सप्लाई हो सकती है।
- हर माह हो रहा 1.86 करोड़ का बिजली उत्पादन
खारा परियोजना को आसन्न बैराज (उत्तराखंड) से पानी की सप्लाई हो रही है। जहां से ये पानी कुल्हाल पावर परियोजना (उत्तराखंड) से 30 मेगावाट की बिजली उत्पादित कर वहां से डिस्चार्ज होने के बाद यहां खारा में आकर बिजली उत्पादित कर रहा है। पहले कुल्हाल परियोजना भी उत्तर प्रदेश द्वारा ही संचालित की जाती थी, लेकिन अलग प्रदेश बनने के बाद इसका संचालन उत्तराखंड सरकार के पास चला गया। खारा परियोजना से 1.86 करोड़ रुपये की बिजली प्रतिमाह औसतन उत्पादित हो रही है। इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी बात यह है कि इस ग्रीन हाइड्रो प्रोजेक्ट के माध्यम से बिना किसी प्रदूषण के 63 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली उत्पादित हो रही है। टूरिज्म की दृष्टि से इस तरह की और परियोजनाएं घाड़ क्षेत्र में लगा दी जाएं तो यह क्षेत्र पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो सकता है।
- वर्जन : खारा परियोजना से बिजली निर्बाध उत्पादित हो रही है। 1.5 मेगावाट की परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद बिजली उत्पादन और बढ़ जाएगा। जिसकी सप्लाई कलसिया स्थित 33 केवीए को होगी। इससे कम से कम पांच हजार घरों में बिजली सप्लाई हो सकती है। - चंद्रभान प्रसाद, एक्सईएन खारा जल विद्युत परियोजना
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