सहारनपुर। पांवधोई नदी को साफ करने के लिए नगर निगम फिर से अभियान चलाने की तैयारी में है। नदी को कैसे साफ रखा जाए इस पर चर्चा के लिए नगर आयुक्त ने पांवधोई नदी बचाओ समिति और अन्य संगठनों के पदाधिकारियों के साथ अपने कार्यालय में बैठक की। निर्णय लिया गया है कि नदी को प्रदूषित करने वालों पर नजर रखने के लिए शहरी क्षेत्र में सीसीटीवी लगवाए जाएं और लोगों को चिह्नित कर जुर्माना लगाया जाए।
नगरायुक्त गजल भारद्वाज ने बताया कि 14 नवंबर से 20 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। वार्ड 46 के विश्वास नगर (पूर्व में जुलमगढ़) से ढमोला पुल तक करीब पांच किलोमीटर लंबी नदी को 20 हिस्सों में बांटकर सफाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल नगर निगम और समिति नदी की सफाई के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इस बार जन भागीदारी अधिक से अधिक होनी चाहिए। लोगों से नदी में किसी भी प्रकार का कचरा नहीं डालने की अपील की जाएगी। अपर नगरायुक्त एसके तिवारी व सहायक नगरायुक्त अशोक प्रिय गौतम को नदी के आस पास स्थित शौचालयों को साफ-सफाई के साथ व्यवस्थित कराने आदि के निर्देश दिए।
पर्यावरण प्लानर डॉ. उमर सैफ ने एलईडी स्क्रीन पर नदी स्वच्छता व सफाई अभियान की विस्तार से जानकारी दी। पांवधोई समिति सदस्य डॉ. वीरेंद्र आजम ने धोबीघाट से ढमोला पुल तक लोगों को नदी में कूड़ा न डालने के लिए डोर टू डोर समझाने की मुहिम चलाने का सुझाव दिया। डॉ. पीके शर्मा, कुलभूषण जैन, मौलवी फरीद, मनीष कच्छल, आमिर खान, एसी पपनेजा, जयनाथ शर्मा, मुकुंद मनोहर गोयल, अल्पना तलवार, शीतल टंडन, डॉ. कुदसिया अंजुम, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, राजीव रंजन, शशिकांत आदि मौजूद रहे।
आज तक फेल रहे अभियान, कार्रवाई भी नहीं
पांवधोई नदी की स्वच्छता की जिम्मेदारी नगर निगम की है। प्रत्येक वर्ष नदी की सफाई का अभियान धोबीघाट से शुरू किया जाता है, लेकिन नदी की हालत में कोई सुधार आज तक नहीं हुआ है। पानी लगातार दूषित हो रहा है। नदी में गिर रहे नालों को अभी तक बंद नहीं किया गया है। वर्ष 2010 में आलोक कुमार के जिलाधिकारी रहते नदी को संरक्षित और साफ करने पर कुछ काम हुआ था। उसके बाद केवल औपचारिकता ही हो रही है।