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Saharanpur News: अवैध संबंधों में कराई थी व्यापारी की हत्या, दंपती समेत तीन गिरफ्तार

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- शिक्षा विभाग में तैनात लिपिक ने सुपारी देकर कराया था कत्ल, सिर मारे थे हथौड़े
- 26 जनवरी को हुआ था लापता, एसएसपी प्रेस कांफ्रेंस कर किया खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। शहर के प्रताप मार्केट स्थित दुकान से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए व्यापारी का शव नानौता नहर से बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि अवैध संबंधों में सुपारी देकर व्यापारी की हत्या कराई गई थी। पुलिस ने आरोपी दंपती सहित तीन को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी शिक्षा विभाग में लिपिक है। आरोपियों ने सिर में हथौड़े मारकर व्यापारी को मौत के घाट उतारा गया था।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि हकीकतनगर निवासी मनीष शर्मा इलेक्ट्रॉनिक का व्यापार करता था। 26 जनवरी की शाम मनीष दुकान से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। मनीष के भाई मुनीष ने कोतवाली सदर बाजार में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने सीसीटीवी की फुटेज खंगाली थी, लेकिन कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा था। इसके बाद परिजनों ने कपिल पुंडीर निवासी हकीकतनगर पर हत्या करने का शक जाहिर किया था। पुलिस ने कपिल, उसकी पत्नी नीति व शेखर सैनी निवासी मोहल्ला प्रेमपुरी मुजफ्फरनगर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हो गया।
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कपिल ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी मनीष के यहां नौकरी करती थी। दोनों के बीच अवैध संबंध हो गए थे। कई बार कपिल ने पत्नी और मनीष को समझाया, लेकिन वह नहीं माने। कपिल ने 26 जनवरी की शाम मनीष को अपने घर बुलाया। इसके पश्चात मनीष को चाय में नशीला पदार्थ दे दिया। इसमें शेखर भी शामिल रहा। मनीष के बेहोश होने पर उसके सिर में हथौड़े से तीन वार कर हत्या कर दी। इस बारे में नीति को भी पता था, लेकिन उसने भी मामले को छिपाए रखा। आरोपी कार की डिग्गी में मनीष का शव डालकर नानौता क्षेत्र में स्थित नहर में फेंका था। आरोपियों की निशानदेही पर शव, हथौड़ा और कार बरामद हुई। कपिल शिक्षा विभाग में लिपिक के पद पर तैनात है।

1.35 लाख में दी थी सुपारी, स्टेशन पर फेंका था मोबाइल
कपिल ने शेखर को 1.35 लाख रुपये में मनीष की हत्या करने की सुपारी दी थी। कपिल और शेखर की काफी समय से जान-पहचान थी। शेखर को पत्नी के इलाज के लिए रुपयों की जरूरत थी। इसलिए उसने मनीष की हत्या करने की सुपारी ली थी। एडवांस में 90 हजार रुपये लिए थे। आरोपियों ने मनीष का मोबाइल रेलवे स्टेशन पर फेंक दिया था और बाइक को रेलवे स्टेशन के नजदीक पार्किंग में खड़ी कर दी थी।
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पुलिस को करता रहा गुमराह
कपिल से पुलिस ने कई बार पूछताछ की, लेकिन उसने हमेशा पुलिस को गुमराह किया। खुलासे के लिए एसएसपी ने एसओजी को लगाया था। सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से एसओजी के हाथ अहम सुराग लगे और वारदात का खुलासा हुआ। एसएसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया है।
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