सहारनपुर। महानगर में सवा साल बाद भी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बस अड्डा नहीं बन पाया है। इतना ही नहीं, परिवहन निगम बस अड्डे के लिए जगह ही चिंहित नहीं कर पाया। अस्थायी बस अड्डों और सड़कों से बसों का संचालन हो रहा है। इस वजह गर्मी में यात्रियों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। यहां पर यात्रियों के लिए कोई भी मूलभूत सुविधा तक नहीं है।
दरअसल, 15 फरवरी 2022 को अंबाला रोड पर चल रहे दिल्ली और गंगोह बस अड्डे को नगर निगम ने खाली करा दिया था। क्योंकि, नगर निगम की भूमि पर बस अड्डा संचालित हो रहा था। इसके बाद से महानगर को स्थायी बस अड्डा नहीं मिल पाया है। मानकमऊ और कांशीराम कॉलोनी में अस्थायी बस अड्डा संचालित हो रहा है। मानकमऊ से गंगोह, अंबाला, चंडीगढ़ और कांशीराम काॅलोनी से दिल्ली, शामली, पानीपत आदि की बसे मिलती है। यहां पर यात्रियों के लिए सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं है।
इन बस अड्डों की वजह से जाम भी लगता है और यात्रियों को शहर से बाहर जाकर गर्मी में परेशान होना पड़ता है। यहां यात्री शेड, शौचालय, पेयजल आदि की व्यवस्था भी नहीं है।
यात्रियाें की जेब पर पड़ा अतिरिक्त खर्च
पहले यात्री अंबाला रोड और अग्रसेन चौक से बस में सवार होते थे, लेकिन दिल्ली रोड स्थित कांशीराम कॉलोनी और मानकमऊ से बसों का संचालन होने पर यात्रियों पर अतिरिक्त खर्च बढ़ा है। क्योंकि, यहां पहुंचने के लिए यात्रियों ई-रिक्शा और थ्रीव्हीलर से जाना पड़ता है। घंटाघर से कांशीराम कॉलोनी और मानकमऊ तक जाने के लिए ई-रिक्शा व थ्रीव्हीलर संचालक 20 रुपये प्रति सवारी लेते हैं। मानकमऊ में परिवार को बस में बैठाने आए अभिषेक ने बताया कि परिवहन निगम की लापरवाही की वजह से नागरिक परेशान है। महानगर में स्थायी बस अड्डे की आवश्यकता है, लेकिन न ही अधिकारी इस ओर ध्यान देते और न ही जनप्रतिनिधि। चुनाव के दिनों में बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं।
अंबाला रोड पर बस की इंतजार कर रहे संजय त्यागी ने बताया कि बस अड्डा न होने की वजह से अतिरिक्त पैसा खर्च हो रहा है। पहले ई-रिक्शा या थ्रीव्हीलर से कांशीराम कॉलोनी व मानकमऊ पहुंचना पड़ता है। इसके बाद बस मिलती है। गर्मी में यात्रियों को मुसीबत झेलनी पड़ रही हैं।
परिवहन मंत्री ने भी किया था दौरा
बस अड्डे की समस्या को लेकर परिवहन मंत्री दया शंकर भी बीते वर्ष सहारनपुर आए थे। उन्होंने खुद बस अस्थाई बस अड्डों की स्थिति देखी थी। इसके साथ ही जल्द परिवहन निगम को भूमि चिंहित कर यात्रियों की परेशानी को देखते हुए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बस अड्डा बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन एक वर्ष बाद भी बस अड्डा नहीं बना है।
बस अड्डे का मामला शासन स्तर का है। परिवहन निगम बस अड्डे के लिए भूमि की तलाश कर रहा है, लेकिन अभी तक जगह नहीं मिली है। विभाग का प्रयास है कि जल्द यात्रियों की समस्या का समाधान हो जाए। -परवेज बशीर, प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम
जल्द बस अड्डे का निर्माण कराया जाएगा। हैं। इसके लिए शासन को पत्र भी लिखा है। इसके साथ ही व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से भी मुलाकात कर समस्या के समाधान का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री और परिवहन निगम ने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
-राजीव गुंबर, भाजपा के नगर विधायक