सहारनपुर। जिले में रोडवेज बस स्टैंड बड़ा मुद्दा होने के बाद भी चुनावी मुद्दा नहीं बन पाया है। स्मार्ट सिटी में रोडवेज बस स्टैंड नहीं होने से यात्री परेशान हो रहे हैं। कई सालों से लोग इसकी मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर से अभी तक कोई कार्यवाही नहीं होने से लोगों में मायूसी है। उनका कहना है कि अब तो सड़क पर ही बस का इंतजार करना मजबूरी बन गया है। पता नहीं कब बस स्टैंड बनेगा और लोगों को बस स्टैंड सेवा का लाभ मिल पाएगा।
महानगर में तीन स्थानों से रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। रेलवे रोड बस अड्डे से देहरादून, हरिद्वार, मेरठ, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ की बसें संचालित होती हैं। मानकमऊ से नकुड़, गंगोह, यमुनानगर और अंबाला की बसें जाती हैं। दिल्ली रोड स्थित कांशीराम कालोनी से शामली, दिल्ली की बसें चलती हैं। अलग-अलग स्थानों पर बस स्टैंड होने से लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। साथ ही उनकी जेब पर भी बोझ पड़ रहा है।
बीते साल परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मानकमऊ और कांशीराम काॅलोनी से संचालित होने वाली बसों का निरीक्षण किया था। उन्होंने अधिकारियों को बस स्टैंड के लिए जमीन तलाशने के निर्देश दिए थे। उसके बाद आवास विकास परिषद से भी बात चली। इतना ही नहीं रोडवेज व आवास विकास परिषद की जमीन का मूल्यांकन तक हुआ था। उसके बाद आवास विकास परिषद ने जमीन देने से मना कर दिया। अब नगर निकाय चुनाव में भी बस स्टैंड चुनावी मुद्दा नहीं बन पाया है।
बस अड्डा है नहीं, एयरपोर्ट बनाने की चल रही तैयारी
जिले में एयरपोर्ट बनाने की तैयारी चल रही है, जबकि बस अड्डे का कोई अता-पता नहीं है। जनप्रतिनिधियों ने भी बस अड्डे के लिए कोई ठोस कदम भी नहीं उठाया है। अगर बस स्टैंड ही नहीं होगा तो लोगों की समस्याओं का समाधान कैसे पूरा होगा। लोगों का कहना है कि एयरपोर्ट बनाने से पहले बस स्टैंड का होना बेहद जरूरी है।
क्या बोले लोग
मिशन कंपाउंड निवासी संजय खेड़ा का कहना है कि बस स्टैंड नहीं होने की बड़ी समस्या है। बस स्टैंड शहर से बनाया जाना चाहिए। क्योंकि, शहर में पहले ही जाम की समस्या से निजात नहीं मिली है। आए दिन शहर के मुख्य मार्गो पर जाम लगा रहता है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
आवास विकास निवासी हरनीष राजपाल ने कहा कि अगर जिले में एयरपोर्ट बनाया जा सकता है तो बस स्टैंड क्यों नहीं। एक स्थान से दूसरे जिले व राज्यों के लिए बसें संचालित होंगी तो यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन यहां पर बस स्टैंड की समस्या को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
गुच्छा मार्केट निवासी सूरज प्रकाश ठक्कर का कहना है कि बस स्टैंड चुनावी मुद्दा नहीं बनता है। जबकि यह शहर की बड़ी समस्या है। बस स्टैंड नहीं होने से यात्रियों की लंबी दूरी तय करने के साथ ही जेब खर्च भी बढ़ रहा है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
बस स्टैंड बनाने की मांग काफी समय से चल रही है। बींते साल शासन के निर्देश पर जमीन की तलाश हुई थी। लेकिन अभी तक बस स्टैंड को लेकर कोई प्रक्रिया नहीं चल रही है। शासन को भी इस बारे में अवगत कराया जा चुका है।
- परवेज बशीर, प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम