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बुर्का फैशन नहीं इस्लाम धर्म की पहचान : उलमा

Wed, 29 Nov 2023 12:37 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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मौलाना मुफ्ती असद कासमी।
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देवबंद(सहारनपुर)। मुजफ्फरनगर के श्री राम कॉलेज में मुस्लिम लड़कियों के बुर्के में रैंप पर कैटवाक करने को उलमा ने गलत करार दिया है। उन्होंने साफ कहा कि बुर्का फैशन नहीं बल्कि इस्लाम धर्म की पहचान है। बुर्के से जिस्म को ढका जाता है नुमाइश नहीं की जाती।
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बुर्के में कैटवाक करने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि पर्दा फैशन नहीं होता है। बुर्का मजहब-ए-इस्लाम में इसलिए है कि औरत का जिस्म और चेहरा ढका जाए, पर्दा हो। उसको फैशन के तौर पर लिया जाए ये दुरुस्त नहीं है। उन्होंने कहा कि आजकल इस तरह के बुर्के पहने जा रहे हैं, जिससे बदन चुस्त नजर आता है और जिस्म की नुमाइश होती है।
इस्लाम में ऐसे कपड़ों को पहनना नाजायज और हराम बताया गया है, जिससे बदन की नुमाइश होती है। ऐसे बुर्कों पर पाबंदी लगनी चाहिए। मुफ़्ती असद कासमी ने कहा कि बुर्का फैशन नहीं बल्कि धर्म की पहचान है और इस्लाम में इसको लेकर जो हुक्म है वो यही है। बाकी हर इंसान स्वतंत्र है और सबकी अपनी सोच है कि उसके लिए क्या गलत और क्या सही है।
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