छुटमलपुर (सहारनपुर)। राष्ट्रीय परशुराम सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष रोहित कौशिक ने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत का जाति प्रथा को लेकर ब्राह्मण समाज पर लगाया गया आरोप कतई निराधार और समाज को बरगलाने वाला है।
यहां हुई परशुराम सेना की बैठक में रोहित कौशिक ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने कभी जातिगत भेदभाव नहीं किया है। हजारों वर्ष पूर्व भगवान मनु ने लिखी अपनी पुस्तक मनुस्मृति में मनुष्य जाति को कर्मों (उनके कार्यों) के आधार पर अलग अलग नाम से केवल पहचान के लिए नाम दिए थे। उन्होंने चार वर्ण बनाए इनमें ब्राह्मण, राजपूत, वैश्य और शूद्र थे। इन वर्णों को बनाने का उनका अभिप्राय केवल कार्यों के आधार पर उसकी पहचान करना था। मनु का शुद्र शब्द से कोई ऐसा अर्थ नहीं था कि उनको निम्न श्रेणी में समझा जाए। चारों वर्ण समान श्रेणी में आते हैं। उन्होंने मोहन भागवत के बयान की निंदा करते हुए इस पर रोष जताया है। बैठक में प्रदीप शर्मा, दिनेश शर्मा, गोविंद शर्मा, शुभम वत्स, लक्ष्मण पंडित, मोहित पंडित, आकाश शर्मा, मनोज भारद्वाज, भगत पंडित, विक्रम भट्ट, राजीव दीक्षित, नरेन्द्र शर्मा, प्रवीन शर्मा, अनुज शर्मा आदि रहे।