सहारनपुर। हत्या कर शवों को जिले में ठिकाने पर लगाया जा रहा है, जिस कारण पुलिस के सामने शवों की पहचान कराना चुनौती बन रहा है। एक महीने के अंदर 10 से अधिक शव मिल चुके हैं। इनमें महिला, पुरुषों के अलावा युवक और किशोर तक शामिल हैं। इनमें से अधिकांश की पहचान हो गई, लेकिन कुछ शवों की पहचान पुलिस अभी तक नहीं कर पाई है। 15 अप्रैल को बागपत निवासी डूडाकर्मी विक्रांत की हत्या कर दी गई थी, जिसका शव बड़गांव क्षेत्र में 17 अप्रैल को मिला था। इसके बाद 27 अप्रैल को मिर्जापुर के गांव नौगांवा स्थित रजबहे में राखी का शव मिला था। उसकी भी हत्या की गई थी। अब देवबंद में आखलौर खेड़ी के पास खेत में ईंट-भट्ठा मुंशी पिंटू का शव मिला है, जो मुजफ्फरनगर के कुटेसरा गांव का रहने वाला है। गागलहेड़ी के गांव कैलाशपुर में 11 अप्रैल को युवक का शव मिला था, जिसकी अभी तक पुलिस पहचान नहीं कर पाई है। उसकी भी सिर में ईंट मारकर हत्या की गई थी। इसके अलावा एक महीने पहले नकुड़ के गांव सरूरपुर तगा में सड़क किनारे व्यक्ति का शव मिला था, जिसकी अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। 17 अप्रैल को थाना सदर बाजार क्षेत्र की न्यू मक्खन कॉलोनी के पास पुराने रेलवे यार्ड में युवक का शव मिला था, जिसकी बाद में कोरी माजरा निवासी सौरभ के रूप में हुई थी। उसे उसके ही दोस्त ने मारा था। तीन दिन पहले शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छिपियान निवासी शाकिर का शव ढमोला नदी में मिला था। संवाद