सहारनपुर के जनमंच में नगर निगम बोर्ड की बैठक में नाराजगी जताते पार्षद
सहारनपुर। नगर निगम की बोर्ड बैठक हंगामेदार रही। पार्षदों ने अपनी समस्याएं रखने के साथ ही नगर निगम की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। सपा पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा द्वारा टेंडर प्रक्रिया के साथ ही अधिकारियों की नीयत पर भी सवाल उठाया गया। इस पर तुरंत नगरायुक्त गजल भारद्वाज ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्रवाई की चेतावनी तक दे डाली। तमाम कहासुनी और हंगामे के बीच 521.92 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित बजट को हरी झंडी दे दी गई। मूल बजट आगामी बैठक में रखा जाएगा, जो संभवत: इसी माह होगी।
नगर निगम की बोर्ड बैठक जनमंच प्रेक्षागृह में अपराह्न 3:30 बजे शुरू हुई। पार्षद मंसूर बदर ने गृहकर, जल कर और सीवर कर की अय को कम बताते हुए आय बढ़ाने का सुझाव दिया। साथ ही जलकल में लीकेज पर सवाल उठाया। निर्माण कार्यों की जांच को लेकर महापौर और नगरायुक्त द्वारा दिए गए जवाब को लेकर पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने कहा कि जांच कराने का क्या फायदा। उन्होंने पूछा कि जिस ठेकेदार को बिना निर्माण किए भुगतान कर दिया गया था। उस पर तो कार्रवाई हुई, लेकिन जो अधिकारी भुगतान कराने में शामिल रहे उन पर कार्रवाई क्यों नहीं। इस पर नगरायुक्त ने बताया कि अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। पार्षद राजू ने अलाव, रेहड़ों आदि के मामले उठाए। पार्षद फहाद सलीम ने क्रेजी नाला की दोनों साइड की दीवार बनवाने, उनके वार्ड में और सफाईकर्मियों की तैनाती कराने, हाईमास्ट लाइटें लगवाने की मांग की। पार्षद ज्योति अग्रवाल ने अपने क्षेत्र में चौराहे के सुंदरीकरण की मांग रखी।
इसके बाद फिर से पार्षद अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा द्वारा निर्माण विभाग की टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों की मंशा पर भी सवाल उठाए, जिस पर नगरायुक्त नाराज हो गई। उन्होंने पार्षद को कार्रवाई तक की चेतावनी दे डाली। आरोप है कि पार्षद ने अधिकारियों पर मिली भगत का आरोप लगाया, जिससे मामला गर्माया। करीब तीन घंटे चली बैठक में अन्य पार्षदों के द्वारा भी अपनी समस्याएं रखी गई। तमाम चर्चाओं के बीच 521.92 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित बजट पास कर दिया गया। बैठक में मुकेश गक्खड़, संजीव कर्णवाल, इमरान सैफी आदि ने भी अपनी बात रखी। बैठक में रामपुर मनिहारान विधायक देवेंद्र निम के अलावा निगम के सभी अधिकारी मौजूद रहे।