-- मिली हैं शिकायतें, चल रहा मंथन, कटेंगे कई के टिकट
-- नगर निगम में हैं 70 वार्ड, इनमें 32 हैं बीजेपी के पार्षद
अभिमन्यु वालिया
सहारनपुर। नगर निकाय चुनाव से पूर्व भाजपा हाईकमान कई पार्षदों के पर कतरने की तैयारी कर रही है। इनमें ऐसे पार्षद शामिल हैं, जिनके खिलाफ पांच सालों में शिकायतें भी मिली हैं। इनकी जगहों पर नए चेहरों व सक्रिय कार्यकर्ताओं को पार्टी चुनाव मैदान में उतारेगी। इसको लेकर पार्षदों में खलबली मची है।
दरअसल, पांच साल पूर्व हुए नगर निकाय चुनाव में नगर निगम के 70 वार्डों में से 28 पर भाजपा के प्रत्याशी जीतकर पार्षद बने थे। इनके अलावा चार निर्दलीय पार्षद भाजपा में शामिल हो गए थे। वर्तमान में पार्टी के 32 पार्षद हैं। इनके अलावा 10 मनोनीत पार्षद हैं। भाजपा हाईकमान ने पार्षदों के पांच साल के कार्यों की समीक्षा शुरू कर दी है। कई पार्षदों के खिलाफ पार्टी हाईकमान को शिकायतें भी मिली हैं। इसके साथ कई पार्षद ऐसे भी हैं, जिन्होंने बीते पांच सालों में जनता से दूरी बनाए रखी। इसके साथ कुछ पार्षदों पर विकास कार्यों में अनियमितता बरतने के आरोप भी लगते रहे हैं। इसी को देखते हुए पार्टी ऐसे पार्षदों के कार्यकाल की समीक्षा शुरू कर दी है। पार्टी सूत्र बता रहे हैं कि इनके टिकट कटना तय है। इसकी भनक भी इन पार्षदों को लग गई है, जिससे पार्षदों में खलबली मची है, जो अपना टिकट बचाने को शीर्ष नेताओं से संपर्क साध रहे हैं। वहीं, इस पर अभी कोई पार्टी पदाधिकारी बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन पार्षदों के खिलाफ हुई शिकायतों से हाईकमान को अवगत कराने में पार्टी पदाधिकारी लगे हैं। (संवाद)
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आरक्षण तय होने पर भी बदले जाएंगे टिकट
नगर निगम के वार्डों जिन भाजपा पार्षदों के टिकट कटेंगे, वहां पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान में उतारा जाएगा। इसको लेकर पार्टी रूपरेखा तैयार करने में लगी हैं। वहीं, वार्डों का आरक्षण तय होने पर कई पार्षदों के टिकट भी बदल जाएंगे। सूत्र बताते हैं कि इसको लेकर पार्टी में गुटबाजी भी शुरू हो गई है, जो चुनाव में भाजपा के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है।
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तैयारियों में सबसे आगे दिख रही भाजपा
भाजपा नगर निकाय चुनाव को लेकर सबसे आगे दिखाई दे रही है। इसको लेकर पिछले दिनों भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह और क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल सहारनपुर का दौरा कर नगर निकाय चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। इसके साथ ही पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ भी महाराज सिंह डिग्री कॉलेज के मैदान पर निकाय प्रबुद्ध सम्मेलन में भाग लिया था और जनता से निकाय चुनाव में पार्टी के प्रत्याशियों को जिताने की अपील की थी।
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अगले माह होने हैं चुनाव, आरक्षण पर नजर
नगर निकाय के चुनाव दिसंबर माह में होने हैं। उम्मीद है कि पांच दिसंबर तक जनपद के सभी 12 नगर निकायों का आरक्षण भी तय हो जाए। खासकर महापौर की सीट के आरक्षण पर भाजपा के अलावा सभी राजनीतिक दलों की नजर है। पिछली बार महापौर की सीट ओबीसी के लिए आरक्षित हुई थी।