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Saharanpur News: पश्चिम में अनुसूचित वर्ग की नैया पर सवार भाजपा और कांग्रेस

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सहारनपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। फिलहाल पश्चिम यूपी में भाजपा और कांग्रेस अनुसूचित वर्ग की नैया पर सवार हो गई है। दोनों ही पार्टियों ने अनुसूचित वर्ग को साधना शुरू कर दिया है। 26 सितंबर से दो अक्तूबर तक भाजपा ने अनुसूचित बस्ती संपर्क अभियान चलाया, जिसमें पार्टी पदाधिकारियों से लेकर सांसद, विधायक और तमाम नेताओं ने अपने-अपने एरिया की इन बस्तियों में जाकर वोटरों को सहेजने का प्रयास किया। यह अभियान खत्म होने के बाद अब भाजपा की तरफ से अनुसूचित जाति सम्मेलन का राजनीतिक कार्ड खेल दिया है। यूं तो यह सम्मेलन पूरे प्रदेश में होने हैं, लेकिन पहला सम्मेलन 17 अक्तूबर को हापुड़ में रखा गया है। जिस तरह से सम्मेलन के आयोजन में हर विधानसभा से दो-दो हजार लोगों का लक्ष्य रखा गया है उससे तो लग रहा है कि भाजपा सम्मेलन के माध्यम से अपने प्रति अनुसूचित वर्ग का रूख देखना चाहती है। खास बात यह है कि भाजपा की तरफ से अनुसूचित वर्ग को लुभाने की कोशिश को देखकर कांग्रेस ने भी अनुसूजित जाति का पत्ता फेंक दिया है। कांग्रेस की तरफ से अनुसूचित गौरव संवाद यात्रा और अधिकार मार्ग पत्र भरवाने के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है।
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किसे पार लगाएगी नैया, भविष्य के गर्भ में परिणाम
मुस्लिम समाज के कद्दावर ने माने जाने वाले पूर्व विधायक इमरान मसूद ने हाल ही में कांग्रेस का दामन थामा है। कांग्रेस के पलड़े में आते ही हाईकमान के निर्देश पर इमरान ने पश्चिम यूपी में अनुसूचित गौरव संवाद कार्यक्रम और अनुसूचित अधिकार मांग पत्र अभियान की घोषणा कर दी। इसके तहत अनुसूचित बस्तियों में जाकर समाज के लोगों तक पार्टी की नीतियां पहुंचाई जाएगी। जिस तरीके से कांग्रेस और भाजपा अनुसूचित जाति की नैया पर सवार हुए हैं उससे तो आने वाले समय में ही पता चलेगा कि यह नैया किसे पार लगाएगी।
अनुसूचित वर्ग के लिए जो योजनाएं भाजपा ने शुरू की है, वह पहले किसी भी सरकार ने नहीं की। भाजपा अनुसूचित वर्ग के लोगों का सम्मान करती है। इसलिए अनुसूचित वर्ग भाजपा को पसंद करता है।
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- पुनीत त्यागी, महानगर अध्यक्ष भाजपा

जब तक बसपा सत्ता में रहती है तब तक अनुसूचित वर्ग के लिए काम करती है। इसके बाद उनकी सुध नहीं ली जाती। अनुसूचित गौरव संवाद कार्यक्रम और अनुसूचित अधिकार मांग पत्र अभियान के माध्यम से लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुना जाएगा।
- चौधरी मुजफ्फर अली, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
चुनाव के समय इस तरीके से अभियान चलाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। अनुसूचित वर्ग भाजपा और कांग्रेस के चरित्र को जानता है। बसपा उनकी अपनी पार्टी है। इसमें किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता।
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- जनेश्वर प्रसाद, जिलाध्यक्ष बसपा
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