सहारनपुर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती के 67 वें जन्म दिवस पर दाबकी रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल मैदान पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें पार्टी के पदाधिकारी और जिले भर के कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने बहनजी के जन्मदिन पर एक दूसरे को बधाई दी और आगामी चुनाव में सभी सीटों पर जीत हासिल कर बहन जी को तोहफे के रूप में देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद ने की और सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का कार्यक्रम में पहुंचने के लिए आभार जताया। मुख्य अतिथि उत्तराखंड प्रभारी नरेश गौतम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयोजक इमरान मसूद रहे। इमरान मसूद और नरेश गौतम ने कहा कि बहन मायावती का दलितों, पिछड़ों, मुस्लिमों और पीड़ितों के उत्थान में योगदान अतुलनीय है। बहनजी ने अपने चारों कार्यकाल में दबे और कुचले समाज को मुख्य धारा में लाने का काम किया। कहा कि जो मिशन बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम छोड़कर गए थे। बहनजी उसी मिशन को आगे बढ़ा रही हैं। बहन जी ही ऐसी नेता हैं, जिन्होंने दलितों, पिछड़ों और मजलूमों के अधिकार के लिए अपने पद तक से इस्तीफा दिया। इमरान मसूद और नरेश गौतम ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव के लिए बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की अपील की। कहा कि आगामी चुनाव में सभी सीटों पर जीत हासिल कर बहनजी को जन्मदिन का तोहफा देना है। इसकी शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में मेघराज जरावरे, आशीर्वाद आर्य, विनोद सहगल, सरफराज राइन, विनोद पंवार, अनिल कुमार, विजेंद्र कश्यप, इमरान मलिक, मेहरबान आलम, नौमान मसूद, शाजान मसूद, अजब सिंह, रंजीता सिंह, लोधी कुमार, एसआलम, रागिम अंजुम, रविंद्र, बबलू कुमार, प्रताप, डॉ. मुकेश, अफजाल, राजेश गुलाटी, उस्मान कुरैशी, वसीम आलम, मयंक कटारिया आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में नहीं पहुंचे सांसद हाजी फजलुर्रहमान
सांसद हाजी फजलुर्रहमान पार्टी के कार्यक्रमों से लगातार नदारद चल रहे हैं। जिस दिन इमरान मसूद की पत्नी को महापौर का टिकट घोषित हुआ। उस दिन एक होटल सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वह नहीं पहुंचे थे। 15 जनवरी को बहनजी के जन्मदिन के कार्यक्रम में भी वह नहीं पहुंचे। चर्चा है कि जिस दिन से इमरान मसूद पार्टी में आए हैं उस दिन से सांसद किनारा कर रहे हैं। उधर, जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद का कहना है कि सांसद हाजी फजलुर्रहमान पार्टी के साथ. पूरी मजबूती से जुड़े हुए हैं। पहले संसद के सत्र में व्यस्त रहने और अन्य कार्यों में व्यस्तता के चलते वह जनपद से बाहर हैं, जिसके चलते जन्मदिन कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।