सहारनपुर। सड़क हादसों को रोकने के लिए रोडवेज बस और व्यावसायिक वाहनों में चालक व उसके परिवार की फोटो लगाने के निर्देश दिए थे। यहां निर्देशों का कोई पालन नहीं हो रहा है। चालक बिना फोटो लगाए ही वाहनों को दौड़ा रहे हैं। ऐसे में सड़क हादसों पर अंकुश कैसे लगेगा।
दरअसल, परिवहन निगम की बसों और व्यावसायिक वाहनों में चालकों को अपनी सीट के आगे अपने परिवार की फोटो लगानी थी। शासन ने यह निर्णय इसलिए लिया था कि सड़क हादसों में कमी आ सके। चालक लापरवाही से वाहन चलाते हैं, तो परिवार के फोटो को देखकर उनकी संवेदना जाग जाए। इस फैसले को लेकर मकसद यह भी था कि गलत ड्राइविंग के दौरान परिवार की फोटो पर नजर पड़ते ही उसे अपने घर और बच्चों का ख्याल आ जाए और वह सावधानी से वाहन चलाने लगे। लेकिन, यहां इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। शनिवार को अमर उजाला की टीम ने रेलवे रोड स्थित बस स्टैंड पर रोडवेज बसों में चालक सीट के पास परिवार की फोटो नजर नहीं आई। एक-एक कर कई बसों में चेक किया गया, लेकिन परिवार की फोटो नहीं दिखाई दी, जबकि परिवहन निगम अधिकारियों का दावा है कि चालक के पास फोटो रहती है, जब वह गाड़ी लेकर चलता है तब फोटो लगाता है। इसके अलावा कुछ व्यावसायिक वाहनों में भी चालक परिवार के फोटो नहीं लगा रहे हैं।
वर्जन
रोडवेज बसों में चालक को अपनी सीट के आगे परिवार की फोटो लगानी है। अगर कोई चालक परिवार की फोटो नहीं लगा रहा है तो वह सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक से जांच कराएंगे। - योगेंद्र प्रताप सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम