सहारनपुर। तापमान में दिनोंदिन वृद्घि हो रही है। तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से पार पहुंच गया है। ऐसे में हीट स्ट्रोक का भी खतरा बढ़ गया है। इसमें लापरवाही जानलेवा हो सकती है। लोगों को गर्मी से बचाव के लिए अभी से सावधानी बरतने की जरूरत है। चिकित्सकों ने हीट स्ट्रोक से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है।
अप्रैल में शुरू से ही मौसम गर्म हो रहा है। पिछले कुछ दिनों ज्येष्ठ माह जैसी गर्मी का अहसास होने लगा और तेज धूप के कारण हवा भी लू बन कर चलने लगी है। लोगों की सेहत पर गर्मी का प्रतिकूल असर पड़ने लगा है। तापमान बढ़ेगा तो शरीर में हीट स्ट्रोक होने का खतरा रहेगा। ज्यादा तापमान में दोपहर के समय लगातार लंबे समय तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक होने का खतरा रहता है। इसमें शरीर में पानी और नमक की मात्रा कम हो जाती है और पसीना आना बंद हो जाता है। फिजिशियन डॉ. अनिल वोहरा के अनुसार, गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक का खतरा रहता है। गर्मी बढ़ने पर हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाएगा, इसलिए अभी से धूप व गर्मी से बचाव के इंतजाम कर लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके चौधरी ने बताया कि गर्म हवा यानि लू लगने से हीट स्ट्रोक का खतरा रहता है। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक धूप में बाहर न निकले। अगर बाहर निकलना जरूरी है तो सावधानी बरतें और धूप से बचाव के इंतजाम के साथ निकले। मौसमी फलों के साथ पानी और घर के बने तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें। बाजार में गन्ने का जूस, कोल्डड्रिंक्स, कटे हुए फल आदि का सेवन करने से बचे। इससे पेट में संक्रमण होने से बीमार होने का खतरा रहता है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
-त्वचा गर्म, लाल व सूखी होना।
-बैचेनी और घबराहट होना।
-चक्कर आना, सिर घूमना व उल्टी होना
-धड़कन तेज होना, सांस लेने में परेशानी।
-दौरे पड़ना, बेहोशी होना।
ऐसे करें बचाव
-घर से बाहर निकलते समय दो गिलास पानी पीये।
-नारियल पानी, नींबू, दही, लस्सी, सत्तु का सेवन करें।
-मौसमी फल तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा आदि का सेवन करें।
-जरूरी होने पर दोपहर में छाता या सिर ढककर घर के बाहर निकलें।
-अधिकतर काम सुबह व शाम को निपटाएं।
-सुबह-शाम हल्का भोजन लें।
-कोल्डड्रिंक का सेवन न करें, घर के बने तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें।
-बाजार में कटे फटे फलों का सेवन न करें।
-लू लगने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।