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ब्रह्मलीन हुए बाबा बंशी वाले

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सहारनपुर। प्रख्यात संत बाबा बंशी वाले ब्रह्मलीन हो गए। बुधवार रात करीब सवा 11 बजे उन्होंने दिल्ली रोड स्थित अस्पताल में अंतिम सांस ली।
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85 वर्षीय बाबा बंशी वाले मूलरूप से पटना (बिहार) के रहने वाले थे और खुद को मारवाड़ी बताते थे। कारोबारी जीवन को त्याग कर वह संत बन गए थे। 38 साल पूर्व वह कुटी वाले बाबा को यमुना नदी किनारे टहलते मिले थे और उनके साथ सोराना गांव स्थित हनुमान मंदिर परिसर में रहकर कर्मस्थली बना लिया था। बाबा कृष्ण भक्त थे, जिस कारण कुटी वाले बाबा ने उन्हें बाबा बंशी वाले नाम दिया। लाखों अनुयायी उन्हें इसी नाम से जानते थे। उनके ब्रह्मलीन होने की सूचना पर सोराना गांव में अनुयायियों का सैलाब उमड़ पड़ा। अपराह्न करीब दो बजे अंतिम यात्रा निकाली गई जो अंबाला हाईवे से होते हुए यमुना नदी के घाट पर पहुंची। अंतिम यात्रा के दौरान भक्त पुष्प वर्षा करते रहे। पूर्व में गृहस्थ जीवन होने और किसी मठ से जुड़े न होने की वजह से ही दाह संस्कार करने का निर्णय लिया गया। शाम छह बजे ग्राम सोराना निवासी रविंद्र शर्मा तथा विनय चौधरी ने संयुक्त रुप से मुखाग्नि दी। इस दौरान जनप्रतिनिधियों सहित राजनीतिक, सामाजिक संगठनों के लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलों के अलावा हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान तक से उनके अनुयायी अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंचे।
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