संभावित टीबी मरीजों को भेजेंगे जांच केंद्र, पुष्टि होने पर शुरू होगा इलाज
जनपद में आयुष के 350 चिकित्सक, 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत अब जनपद के आयुष चिकित्सकों को भी टीबी मरीजों को ब्योरा देना होगा। उनके यहां यदि कोई टीबी संभावित मरीज मिलता है तो वह उसे नजदीक के जांच केंद्र पर भेजेंगे। पुष्टि होने पर इलाज शुरू होगा। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आयुष चिकित्सकों को निर्देश दे दिए हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री ने देश को टीबी रोग से मुक्ति के लिए 2025 तक लक्ष्य रखा है। इसी क्रम में टीबी रोगियों की सूचना आयुष, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सक भी देंगे। उन्हें निर्देश दिए गए कि संभावित टीबी रोगी को जांच के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर भेजें। टीबी रोग की पुष्टि होने पर आयुष चिकित्सकों को प्रति मरीज 500 रुपये की धनराशि सीधे खाते में भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि जनपद में 350 आयुष, आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सक हैं। अभी तक यह चिकित्सक टीबी रोगियों का कोई ब्योरा नहीं रखते थे और न ही इन्हें इसकी जिम्मेदारी दी गई थी।
जनपद में छह हजार टीबी के मरीज
जनपद में छह हजार टीबी मरीज हैं। जिनका इलाज चल रहा है। प्रत्येक मरीज को हर माह पोषण भत्ते के लिए 500 रुपये दिए जाते हैं।
-टीबी के लक्षण
-दो सप्ताह से ज्यादा खांसी आना
-भूख न लगना
-वजन कम होना
-सीने में दर्द रहना व खांसी में खून का आना
-बुखार रहना
-रात में पसीना आना